संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
शासन स्तर से जिले की दो आईटीआई संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट किया गया है। इन संस्थाओं ने मान्यता के लिए कूट रचित अभिलेख प्रस्तुत किए थे। जांच में सामने आने पर शासन स्तर से यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। अब शासन के निर्देश पर जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने दोनों संस्थाओं को अब तक ली गई छात्रवृत्ति की धनराशि जमा करने के निर्देश जारी किए हैं।
शासन ने पत्र के माध्यम से कहा है कि राज्य निदेशालय द्वारा 555 आईटीआई की लिस्ट भेजी गई थी। निमि पोर्टल पर संबद्धता और विस्तार के लिए आवेदन किया है। 478 नई आईटीआई एवं 407 पुरानी आईटीआई द्वारा मान्यता प्राप्त करने के लिए कूटरचित अभिलेख (नकली बैंक गारंटी) जमा कराई गई। इस क्रम में वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए संचालित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनांतर्गत शिक्षण संस्थानों द्वारा पिछड़े वर्ग (अल्पसंख्यक वर्ग को छोड़कर) छात्रवृत्ति ली गई।
इनमें से यहां जिले की दो संस्थाएं भी शामिल हैं। जिले में दो केएल प्राइवेट आईटीआई मानिकपुर जलेसर रोड और श्री राघव प्राइवेट औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान मेंडू सिकंदराराऊ हाथरस की मान्यता समाप्त की गई है। इन संस्थाओं से छात्रवृत्ति की धनराशि की वसूली करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
इस क्रम में जिला पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी प्रतिभा पाल ने दोनों संस्थाओं को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि समस्त छात्र जो आपके शिक्षण संस्थान द्वारा ऑनलाइन अग्रसारित किए गए है, उनके बैंक खातों पर तत्काल रोक लगाई जाए। यदि उन्हें छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान हुआ हो तो नियमानुसार धनराशि की वसूली कर विभागीय खाते में जमा कराई जाए।
- शासन ने दो संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट किया है। इन संस्थाओं ने जो छात्रवृत्ति की धनराशि ली है, उस धनराशि की वसूली कर उसे संस्था संचालक खातों में जमा करेंगे। इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।
-प्रतिभा पाल, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी