27 अक्टूबर 2014 को लड़की करीब 10:30 बजे सासनी स्थित एटीएम से एक हजार रुपये निकालने के लिए घर से निकली थी। उसके बाद घर नहीं पहुंची। मोहल्ले के दो व्यक्तियों ने शाम को बताया था कि वे दोनों हाथरस जाने के लिए टेंपो के इंतजार में चौराहा कोतवाली सासनी पर खड़े थे। तब उन्होंने देखा था कि एक व्यक्ति बाइक चला रहा था। बीच में उनकी लड़की बैठी थी। उसके पीछे नीतेश बैठा था। उन्होंने समझा कि पढ़ने जा रही होगी। जब लड़की का पता नहीं चला तो थाने में रिपोर्ट लिखवाई।
हाथरस के विशेष न्यायाधीश (एससी एसटी एक्ट) राम प्रताप सिंह के न्यायालय ने सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना सासनी क्षेत्र के निवासी एक व्यक्ति ने 31 अक्टूबर 2014 को तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि 27 अक्टूबर 2014 को उसकी लड़की समय करीब 10:30 बजे सासनी स्थित एटीएम से एक हजार रुपये निकालने के लिए घर से निकली थी। उसके बाद घर नहीं पहुंची। मोहल्ले के दो व्यक्तियों ने शाम को बताया था कि वे दोनों हाथरस जाने के लिए टेंपो के इंतजार में चौराहा कोतवाली सासनी पर खड़े थे। तब उन्होंने देखा था कि एक व्यक्ति बाइक चला रहा था। बीच में उनकी लड़की बैठी थी। उसके पीछे नीतेश बैठा था। उन्होंने समझा कि पढ़ने जा रही होगी।
जब लड़की का पता नहीं चला तो थाने में रिपोर्ट लिखवाई। थाना सासनी में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना करते हुए दोनों नामजद आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट राम प्रताप सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत बंटी व नीतेश को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 366 के तहत 7 साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों दोषियों को आईपीसी की धारा 376 डी के तहत 20-20 साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थ दंड भी लगाया है। अर्थ दंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी दिनेश यादव ने की।