विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चित्रा शर्मा के न्यायालय ने 17 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
थाना हसायन क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर कहा था कि उनकी भांजी जनपद अलीगढ़ के गांव की रहने वाली है। वह अपने ननिहाल में छह दिन से रह रही थी। 19 सितंबर 2019 को शाम 6:45 बजे उनकी भांजी शौच करने गई थी। वह खाली खेत में बिटौरा की आड़ में शौच कर रही थी।
तभी आरोपी गिरीशचंद्र उसे बाजरा के खेत में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। नहना ने पीड़िता के हाथ बांध दिए थे। इसके बाद नहना ने उनकी भांजी के पैर पकड़ लिए थे। उन्होंने जब इन लोगों को देखा तो गिरीशचंद्र को पकड़ लिया और उसको पीटा, जिससे उसकी शर्ट फट गई। उसके माथे पर भी चोट लगी है। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ।
विवेचक ने विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोपी गिरीशचंद्र व नहना के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चित्रा शर्मा के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने आरोपी गिरीशचंद्र व नहना को दोषी करार देते हुए सजा का फैसला सुनाया।