सार्वजनिक परिवहन में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे ने नई पहल शुरू की है। अब टीटीई अपने मोबाइल के एचएचटी एप के माध्यम से यूटीएस (अनारक्षित टिकट प्रणाली) से ऑनलाइन टिकटों की जांच करेंगे।
रेलवे द्वारा यह कदम सामान्य श्रेणी के टिकटों में बढ़ते ऑनलाइन फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उठाया गया है। हाल ही में सामने आए स्कैनिंग फ्राॅड के मामलों के बाद रेलवे ने चेकिंग प्रक्रिया को तकनीकी रूप से मजबूत किया है। पूर्वोत्तर रेलवे के सभी चेकिंग स्टाफ के लिए एचएचटी एप की आईडी जनरेट कर दी गई है, जिससे वह यात्रियों के मोबाइल पर मौजूद यूटीएस टिकट को तुरंत स्कैन कर उसकी वैधता की जांच कर सकेंगे।
इसके माध्यम से नकली या छेड़छाड़ किए गए टिकटों की पहचान आसानी से हो सकेगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा, बल्कि चेकिंग प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और तेज होगी।
यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक करें और जांच के दौरान अपना टिकट तैयार रखें। पूर्वाेत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्य प्रबंधक संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि टिकट चेकिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।