शहर की मशहूर चाचा चौधरी नमकीन के निर्माता रामकुमार अग्रवाल की फैक्ट्रियों पर वाणिज्य कर की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) की जांच गुरुवार को रात 11 बजे तक चली। अलीगढ़ के अपर आयुक्त एसआईबी सीबी सिंह की अगुवाई में कासगंज, अलीगढ़, एटा, मथुरा और हाथरस के करीब 50 अधिकारियों की टीम ने इस कार्रवाई में शामिल रही।
खरीद-बिक्री के पूरे दस्तावेज नहीं मिलने के आरोप में विभागीय टीम ने नमकीन फैक्ट्रियों और तेल की एक बड़ी फर्म का कुल 1.29 करोड़ रुपये का स्टॉक सीज कर दिया। टीम इन फर्मों से खरीद-बिक्री और ट्रांसपोर्टेशन से संबंधित कुछ दस्तावेज भी अपने साथ ले गई, जिनके आधार पर वह स्टॉक का सत्यापन करेगी और यह पता लगाएगी कि फर्मों पर कोई कर चोरी तो नहीं है। अगर है तो कुल कितने की कर चोरी यहां की गई है। देर रात नमकीन फैक्ट्रियों पर व्यापारियों और आम लोगों का जमघट लगा रहा। पुलिस फोर्स भी तैनात रही। इस कार्रवाई से शहर के दूसरे कारोबारियों और फैक्ट्री मालिकों में भी खलबली मच गई है।
फैक्ट्री मालिक रामकुमार अग्रवाल ने बताया कि उनकी मुरसान गेट स्थित सर्वेश्वर फूड इंडस्ट्रीज पर तो रात नौ बजे एसआईबी की कार्रवाई खत्म हो गई, जबकि तरफरा रोड स्थित गिर्राज फूड प्रोडक्ट पर एसआईबी टीम ने रात 11 बजे तक जांच-पड़ताल की। टीम ने जो स्टॉक सीज किया है, उसका वह दस्तोवजों से मिलान करेगी। उन्होंने कहा कि जीएसटी में कर निर्धारण की व्यवस्था बिल्कुल पारदर्शी है, जिससे उन्हें पूरी उम्मीद है कि विभाग उनके साथ नाइंसाफी नहीं कर सकेगा। छापेमारी टीम में शामिल रहे उपायुक्त संजय कुमार ने बताया कि रात नौ बजे एसआईबी टीम कार्रवाई खत्म करके यहां से लौट गई थी।
टीम ने स्टॉक और कच्चे माल का जो विवरण मौके पर जांच के बाद नोट किया है, उसका दस्तावेजों से मिलान किया जाएगा। उसके बाद अगर कर की चोरी लगेगी तो उस पर नियमानुसार कर निर्धारण होगा और अर्थदंड की कार्रवाई की जाएगी।
नमकीन फैिक्ट्रयों के बाहर रही गहमागहमी
छापेमारी के बाद रामकुमार अग्रवाल की नमकीन फैक्ट्रियों के बाहर शुक्रवार को गहमागहमी का नजारा रहा। लोग यह जानने के लिए यहां पहुंचे कि कहीं कार्रवाई अब भी तो नहीं चल रही। हालांकि इन फैक्ट्रियों में कामकाज बिल्कुल सुचारू रहा। आम दिनों की तरह लेबर आई और सुबह से ही काम में जुटी रही। छापेमारी के बावजूद फैक्ट्री मालिकान रोजाना की तरह अपने काम में व्यस्त रहे।
एसआईबी की छापेमारी से व्यापारियों में रोष
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की सासनी गेट स्थित एक होटल में बैठक हुई। जिलाध्यक्ष अशोक बागला व जिला महामंत्री कपिल अग्रवाल ने गुरुवार को एसआईबी वाणिज्य कर द्वारा शहर की प्रतिष्ठित फर्मों पर की गई छापेमारी की कड़े शब्दों मेें निंदा की। प्रदेश मंत्री योगा पंडित व प्रदेश कार्य समिति सदस्य गोविंद प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से विभाग की उत्पीडनात्मक मानसिकता साफ दिखती है। नगराध्यक्ष पद्म अग्रवाल व महामंत्री राजकुमार वर्मा ने कहा कि शनिवार को शाम पांच बजे सासनी गेट पर वाणिज्य कर विभाग का पुतला दहन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। युवा जिलाध्यक्ष अरुण कुलश्रेष्ठ व जिला महामंत्री ललतेश गुप्ता ने शहर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर रोष व्यक्त किया। बैठक में मुरारी लाल वर्मा, बलवीर वर्मा, विनोद मित्तल, रिंकू अग्रवाल, किशन लाल शर्मा, प्रदीप सारस्वत, संदीप सेकसरिया, दिनेश, गिर्राज किशोर गुप्ता मौजूद थे।
नमकीन निर्माता ने मथुरा में जेसी से की मुलाकात
नमकीन निर्माता रामकुमार अग्रवाल छापेमारी की कार्रवाई के विरोध में अपने साथियों के साथ शुक्रवार को मथुरा में ज्वाइंट कमिश्नर अनूप प्रधान से मिले। उन्होंने जेसी से स्पष्ट कहा कि उन्हें अपने यहां जांच-पड़ताल का बिल्कुल मलाल नहीं है, क्योंकि उनका कारोबार पूरी तरह सही है। साथ ही इस बात पर आपत्ति जताई कि एसआईबी के एक ऐसे अधिकारी से उनकी जांच कराई गई, जोकि आठ दिन पहले ही उन्हें धमकाकर गए थे।
उन्होंने कहा कि वह पूरे रीजन में सबसे ज्यादा टैक्स देते हैं, फिर भी उनके यहां इस तरह छापेमारी की गई कि जैसे उनका कारोबार गलत हो। अग्रवाल के मुताबिक जेसी ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह बेखौफ होकर अपना कारोबार चलाएं। मामले की पूरी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। अगर किसी अधिकारी ने उन्हें इस तरह धमकाया होगा तो निश्चित रूप से उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। विभाग और सरकार करदाताओं के हितों के संरक्षण को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
चाचा चौधरी नमकीन की फर्म में करोड़ों की कर चोरी
हाथरस के चर्चित नमकीन ब्रांड चाचा चौधरी का सालाना टर्नओवर तकरीबन डेढ़ सौ करोड़ रुपये के आसपास का आंका गया है, जिसमें बड़े पैमाने पर कर चोरी हो रही थी। वैट के समय में वित्तीय वर्ष 2016-2017 में कंपनी का कारोबार कागजों में लगभग 70 करोड़ रुपये सालाना का दर्शाया गया था।
वाणिज्य कर विभाग की एसआईबी टीम के एडिश्नल कमिश्नर सीबी सिंह ने बताया कि अब इस मामले में मथुरा की टीम आगे की जांच कर कर, जुर्माना वसूलने की कार्रवाई करेगी। फिलहाल अलीगढ़ और मथुरा की टीम छापे के दौरान मिले कागजातों के आधार पर जांच पड़ताल कर रही है। ये मामला करोड़ों रुपये की कर चोरी का है, जिसमें कोई रियायत बरतने का सवाल नहीं उठता है। नमकीन के उत्पादक जनता से कर की कीमत वसूल रहे थे लेकिन उसे सरकारी खजाने में जमा नहीं किया जा रहा था इसलिए ये अपराध संगीन है।
सीबी सिंह ने बताया कि इस कंपनी के कारोबार की कागजों पर जांच एक महीने पहले से हो रही थी। कंपनी के कामकाज पर नजर रखी जा रही थी। इसके बाद छापा कार्रवाई हुई है। कंपनी के कुछ ठिकानों पर बिल बुक, स्टाक बुक आदि कुछ नहीं मिली है। अभी तक जो कागजात मिले हैं उसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद कर और जुर्माना निर्धारण होगा। जीएसटी में नमकीन पर पांच फीसदी कर है। इस लिहाज से इस प्रकरण में करोड़ों रुपये की कर और जुर्माना वसूली होगी। होली से पहले कर और जुर्माने की रकम जांच कर बता दी जाएगी। मौके पर सीज किया गया लगभग एक करोड़ रुपये का माल कंपनी के मालिकों की सुपुर्दगी में ही दिया गया है। उसमें कोई खुर्द बुर्द का प्रयास किया तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। ब्यूरो