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2.80 करोड़ की लागत से बना: नाम का है यह ट्रॉमा सेंटर, नहीं हुआ एक ऑपेरशन तक

Tue, 18 Jun 2024 04:49 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए-दिन होने वाले हादसों को देखते हुए सिकंदराराऊ में 2.80 करोड़ रुपये से ट्रॉमा सेंटर बनाया गया था। मकसद यह था कि घायलों को तुरंत इलाज मिल सके, लेकिन लंबे समय से यह ट्रॉमा सेंटर चिकित्सक और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। 
 
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सिकंदराराऊ स्थित ट्रॉमा सेंटर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के सिकंदराराऊ स्थित ट्रॉमा सेंटर पर भवन निर्माण के बाद से अब तक एक भी ऑपरेशन नहीं हो सका है। हैरानी की बात यह है कि यहां चिकित्सक के साथ साथ पैरामेडिकल स्टाफ की बेहद कमी है। इसके चलते इस ट्रॉमा सेंटर को महज इमरजेंसी कक्ष के रूप में संचालित किया जा रहा है। फिलहाल लंबे समय बाद यहां आर्थोपेडिक सर्जन की तैनाती हो गई है।

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बता दें कि दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए-दिन होने वाले हादसों को देखते हुए सपा शासन में सिकंदराराऊ में 2.80 करोड़ रुपये की लागत से ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कराया गया था। मकसद यह था कि घायलों को तुरंत इलाज मिल सके, लेकिन लंबे समय से यह ट्रॉमा सेंटर चिकित्सक और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। 

कुछ साल पहले यहां एक आर्थोपेडिक सर्जन की तैनाती की गई थी, लेकिन कुछ समय बाद सीएमओ ने बागला जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी को देखते हुए उन्हें वहां तैनात कर दिया था, लेकिन लगभग 11 महीने बाद बागला जिला अस्पताल में संबद्ध चल रहे आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. पवन राजपूत को सिकंदराराऊ स्थित ट्रॉमा सेंटर से संबद्ध किया गया है। ट्रॉमा सेंटर में चल रही चिकित्सकों और संसाधनों की कमी आज तक दूर नहीं हो सकी है। यहां न तो एनेस्थीसिया सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती है और न हीं जरूरी उपकरण हैं।

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सरकार को स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है। कई साल पहले ट्रॉमा सेंटर का निर्माण हुआ था, लेकिन आज भी यहां चिकित्सक व संसाधनों की कमी है।-उदय पुंढीर, निवासी सिकंदराराऊ।
ट्रॉमा सेंटर व जिला अस्पताल में सरकार को चिकित्सक व संसाधन बढ़ाने पर ध्यान देने की आवश्यकता है, जिससे यहां आने वाले मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके और उनकी जान बच सके।-नरेश अग्रवाल निवासी गणेश सिटी।
ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सकों की कमी है। इसके लिए लगातार शासन को पत्र के माध्यम से अवगत कराया जा रहा है। बागला जिला अस्पताल में अभी तक संबद्धता पर चल रहे आर्थोपेडिक सर्जन को मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिकंदराराऊ स्थित ट्रॉमा सेंटर पर भेजा गया है।-डॉ. मनजीत सिंह, सीएमओ।

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