संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ।
दिल्ली एनसीआर व अन्य प्रांतों से आने वाले प्रवासी कामगारों का सिलसिला अभी तक थकने का नाम नहीं ले रहा है। शुुक्रवार को भी कई महिला-पुरुष जीटी रोड बस स्टैंड पर गाड़ियों की इंतजार में पेड़ के नीचे लेटे रहे। समाजसेवियों ने आपसी सहयोग से उनके खाने का इंतजाम किया। शासन की योजना के तहत इन्हें इनके घर पहुंचाने के लिए रोडवेज की बसें कहीं नजर नहीं आई।
शुक्रवार को पूरे दिन प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा प्रमुखता से टीवी पर दिखाई गई कि प्रवासी पैदल या ट्रक में बैठ कर अपने घर को न जाए। उनके लिए शासन स्तर से बस के साथ साथ खाने की भी व्यवस्था के आदेश कर दिए गए। लेकिन स्थानीय तौर पर अभी तक मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल होता नजर नहीं आया। शुक्रवार को नगर के बस स्टैंड पर पूर्वी उत्तरप्रदेश स्थित अपने घर जाने के लिए दर्जनों परिवार के सैकड़ों महिलाएं बच्चे नजर आए। बाजार के व्यापारी तथा समाजसेवियों ने व्यवस्था करके इनके खाने आदि के लिए व्यवस्था कराई। दोपहर में इन्हें साग पूड़ी अचार के पैकेट दिए गए। शाम में इन्हें खिचड़ी दी गई। इस दौरान एक महिला ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि लॉकडाउन के चलते हमलोग खानाबदोश जीवन जीने को मजबूर है। काम बंद हो जाने से हमारे सामने भूखमरी की नौबत आ गई है। इसलिए घर जाना हमारी मजबूरी बन गई है।