जिले के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर नहीं हो रही है। विभाग द्वारा जारी अंतःजनपदीय स्थानांतरण और समायोजन के आदेश फाइलों में कैद हैं। बीती नौ फरवरी को 96 शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए थे, तीन महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन संबंधित शिक्षकों ने अभी तक अपनी नई तैनाती वाले स्कूलों में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। जिससे शिक्षक विहीन और एकल विद्यालयों में पढ़ाई को पलीता लग रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वाति भारती ने फरवरी में जिले के 96 शिक्षकों का समायोजन व स्थानांतरण किया था। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य जिले के उन एकल (एक शिक्षक वाले) और शिक्षक विहीन विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित करना था, जहां यू-डायस पोर्टल के अनुसार शिक्षकों की कमी थी। तीन माह का लंबा समय बीत जाने के बाद भी विभाग इस आदेश को धरातल पर उतारने में नाकाम रहा है।
हैरानी की बात यह है कि विभाग स्वयं इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। नियमानुसार, आदेश जारी होने के तत्काल बाद शिक्षकों को कार्यमुक्त होकर नए विद्यालयों में ज्वाइन करना था, लेकिन विभाग इस आदेश को फाइलों में दबाकर बैठा है, जिससे दूर-दराज के स्कूल राम भरोसे चल रहे हैं। शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों का भविष्य अधर में है।
बीएसए द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी शिक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त कराएं और मानव संपदा पोर्टल पर भी इसे अपडेट करें। आदेश में यह भी चेतावनी दी गई थी कि निर्देशों का पालन न करने की स्थिति में संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। इसके बावजूद, धरातल पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
यू-डायस पोर्टल पर कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही समायोजन प्रकिया को पूरा करते हुए स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती करा दी जाएगी।
स्वाति भारती, बीएसए।