मथुरा-कासगंज रेलवे ट्रैक पर एक तेज रफ्तार एक्सप्रेस ट्रेन क्रासिंग का फाटक खुला होने पर भी ट्रैक से गुजर गई। यह तो गनीमत रही कि उस समय लोगों की आवाजाही नहीं थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। फाटक पर लाल झंडी लगी हुई थी, चालक उसे तोड़ते हुए ट्रेन को गुजार ले गया। इस मामले में स्टेशन मास्टर को निलंबित कर दिया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ का कहना है कि चालक की भूमिका की अभी जांच चल रही है। अगर लापरवाही मिली तो उस पर भी कार्रवाई होगी।
गुरुवार दोपहर साढ़े तीन बजे कोटा-पटना एक्सप्रेस कासगंज से मथुरा की ओर जा रही थी। ट्रेन के आने से पहले हाथरस सिटी स्टेशन के स्टेशन मास्टर गोपालदास ने रेलवे फाटकों के गेटमैनों को सूचना देकर फाटक बंद करा दिया, लेकिन भूलवश वह सोखना स्थित रेलवे फाटक संख्या 304 को बंद कराना भूल गए और क्रासिंग का फाटक खुला रहा। फाटक के खुला होने पर रेलवे ट्रैक पर लाल झंडी भी लगी हुई थी। ट्रेन के पहुंचने पर चालक ने लाल झंडी को नजरअंदाज कर दिया और ग्रीन सिग्नल नहीं होने पर भी झंडी तोड़ते हुए ट्रेन को आगे ले गया।
रेलवे के नियमों के मुताबिक फाटक के खुला होने पर चालक को ट्रेन को रोक लेना चाहिए और फाटक बंद होने के बाद ही ट्रेन को रवाना करना चाहिए। तालाब चौराहे पर अक्सर ऐसा देखने को मिलता है, जब जाम के कारण गेटमैन फाटक बंद नहीं कर पाता और ट्रेन आ जाती है। ऐसे में ट्रेन का चालक फाटक से पहले ट्रेन को रोककर फाटक बंद होने का इंतजार करता है, लेकिन कोटा-पटना एक्सप्रेस के चालक ने ऐसा नहीं किया। ट्रेन चालक और स्टेशन मास्टर को गोरखपुर मुख्यालय तलब कर लिया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने स्टेशन मास्टर के निलंबन की पुष्टि की है। उनका कहना है कि इस मामले में जांच की जा रही है।