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Hathras News: 10 से 12 दिन बाद के मिल रहे टोकन, लौट रहे श्रद्धालु

Sat, 04 Jul 2026 02:11 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
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अमरनाथ यात्रा में इस वर्ष श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ का असर तत्काल पंजीकरण व्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है। हाथरस से तत्काल पंजीकरण के भरोसे बालटाल पहुंचे कई श्रद्धालुओं को 10 से 12 दिन बाद की यात्रा तिथि मिलने से निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
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शहर से सटे गांव मीतई निवासी हृदेश शर्मा ने फोन पर बताया कि वह रोहिताश उपाध्याय, विवेक भारद्वाज समेत करीब आठ श्रद्धालुओं के साथ अमरनाथ यात्रा पर पहुंचे थे। सभी ने सोचा था कि बालटाल पहुंचकर तत्काल पंजीकरण करा लेंगे और एक-दो दिन में यात्रा कर लेंगे, लेकिन वहां हालात बिल्कुल अलग मिले।
उन्होंने बताया कि तत्काल पंजीकरण के लिए हजारों श्रद्धालु लाइन में लगे हैं। पूरी रात इंतजार करने के बाद भी 10 से 12 दिन बाद के टोकन दिए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि इतने दिन तक रुकना उनके लिए संभव नहीं है।
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साथ ही मौसम में लगातार बदलाव और जुलाई के शुरुआती दिनों में बाबा बर्फानी के स्वरूप के तेजी से घटने की संभावना को देखते हुए उन्होंने वापस लौटने का निर्णय लिया है।
हृदेश ने बताया कि बेस कैंप पर बड़ी संख्या में ऐसे श्रद्धालु हैं, जो तत्काल पंजीकरण के भरोसे पहुंचे थे, लेकिन लंबा इंतजार देखकर लौट रहे हैं। श्रद्धालुओं ने सलाह दी कि जो लोग आगामी दिनों में अमरनाथ यात्रा की योजना बना रहे हैं, वे बिना पूर्व पंजीकरण के यात्रा पर न निकलें। पहले से पंजीकरण और यात्रा तिथि सुनिश्चित करने के बाद ही यात्रा करना अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक रहेगा।


हम लोग बालटाल पहुंच गए थे और रातभर तत्काल पंजीकरण के लिए लाइन में लगे रहे। सुबह जब टोकन मिला तो 10-12 दिन बाद की यात्रा तिथि दी गई। इतने दिन रुकना संभव नहीं था, इसलिए बिना दर्शन किए लौटने का फैसला करना पड़ा।
-हृदेश शर्मा, श्रद्धालु, गांव मीतई।


इस बार श्रद्धालुओं की संख्या बहुत ज्यादा है। बेस कैंप पर हर तरफ भीड़ है। हम लोगों ने सोचा था कि दो-तीन दिन में दर्शन हो जाएंगे, लेकिन 10-12 दिन इंतजार करने की बात सुनकर लौटना पड़ रहा है। यात्रा पर पहले से पंजीकरण कराकर ही आएं।
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-रोहिताश उपाध्याय, श्रद्धालु, गांव मीतई।
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