मंदिर श्री दाऊजी परिसर के प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माणाधीन शौचालय। स्त्रोत : एएसआई
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केंद्रीय संरक्षित दाऊजी मंदिर के परिसर में शौचालय निर्माण को लेकर एएसआई ने जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। जिलाधिकारी को भेजे पत्र में आगरा मंडल के अधीक्षण पुरातत्वविद ने स्मिता कुमार ने बताया कि दाऊजी मंदिर केंद्रीय संरक्षित है। पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम के तहत संरक्षित स्थान के 100 मीटर के दायरे को प्रतिबंधित क्षेत्र माना गया है।
इस क्षेत्र में किसी भी तरह का नया स्थायी निर्माण नहीं किया जा सकता। प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण कानूनन प्रतिबंधित है। वहीं, स्मारक के 100 से 200 मीटर तक का क्षेत्र नियंत्रित क्षेत्र में आता है। यहां भी निर्माण या मरम्मत के लिए निर्धारित अनुमति लेना जरूरी है। बिना अनुमति किया गया स्थायी निर्माण नियमों के विरुद्ध माना जाता है।
मेले में बायो टॉयलेट की अनुमति
एएसआई ने लक्खी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता की जरूरत को भी ध्यान में रखा है। इसके लिए स्थायी निर्माण के बजाय मेले की अवधि में केवल पोर्टेबल या बायो टॉयलेट लगाने का सुझाव दिया है। एएसआई ने स्पष्ट किया है कि अस्थायी शौचालय लगाते समय जमीन की खुदाई, नींव निर्माण या संरक्षित स्मारक को किसी तरह का नुकसान नहीं होना चाहिए।
पुराने शौचालय की होगी मरम्मत
एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रशांत तिवारी ने बताया कि एएसआई अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता हुई है। मंदिर परिसर में पहले से मौजूद पुराने शौचालय को देखा जा रहा है। उसकी स्थिति के अनुसार मरम्मत कराकर उसे उपयोग योग्य बनाया जाएगा, ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।