हाथरस में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। सासनी के गांव सुसायत कलां में 10 वर्षीय बच्चे की बुखार से मौत हो गई। मंगलवार को जिला अस्पताल सहित जिले के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तीन हजार से ज्यादा मरीज पहुंचे।
इनमें करीब 1,200 बुखार से पीड़ित थे। जिला अस्पताल के सभी काउंटरों पर मरीजों की कतारें लगी रहीं। कोतवाली सासनी के गांव सुसायत कलां निवासी लोकेश के 10 वर्षीय बच्चे कुनाल को कई दिन से बुखार आ रहा था। उसका आगरा से उपचार चल रहा था। सेहत में सुधार न होने पर परिजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर आए। यहां चिकित्सक ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन रोने-बिलखने लगे और शव को लेकर चले गए।
मंगलवार को बागला जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की कतारें लगी रहीं। अस्पताल में दिन भर में 1500 मरीज पहुंचे। इनमें करीब 800 सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित थे। सादाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कुल 600 मरीज पहुंचे। इनमें 205 बुखार से पीड़ित थे। नौ मरीजों की मलेरिया और नौ की डेंगू की जांच कराई गई। सिकंदराराऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कुल 417 मरीज पहुंचे। इनमें 34 मरीज सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित थे। 13 मरीजों की डेंगू और मलेरिया की जांच कराई गई।
सासनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 276 मरीज पहुंचे। इनमें से 68 मरीज बुखार के थे। 14 मरीजों की डेंगू एवं 22 की मलेरिया जांच की गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिकारी पर 45 मरीज पहुंचे। इनमें 14 मरीज बुखार के थे। 11 मरीजों की मलेरिया जांच की गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बसईकाजी पर 35 मरीज पहुंचे। इसमें आठ मरीज बुखार के मिले। चार मरीजों की डेंगू एवं पांच की मलेरिया जांच की गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कौमरी पर 38 मरीज पहुंचे। इनमें से 10 बुखार के रहे। तीन मरीजों की डेंगू एवं चार मरीजों की मलेरिया जांच की गई।
सीएचसी सहपऊ में कुल 259 मरीज पहुंचे। इनमें 17 बुखार से पीड़ित थे। इन सभी की मलेरिया की जांच कराई गई, जबकि सात मरीजों की डेंगू की जांच कराई गई। बागला जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. सूर्यप्रकाश का कहना है कि मौसम बदलने से बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल आने वाले सभी मरीजों को बेहतर उपचार के साथ जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।