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10 संदिग्ध शिक्षक शिक्षिकाओं में से जल्द होगी तीन की बर्खास्तगी

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10 संदिग्ध शिक्षक-शिक्षिकाओं में से जल्द होगी तीन की बर्खास्तगी
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सात के खिलाफ कार्रवाई किए जाने को लेकर बीएसए ने एसआईटी से मांगा सुझाव
बर्खास्त किए जाने वाले तीन शिक्षक-शिक्षिकाओं का विश्वविद्यालय में नहीं है रिकॉर्ड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। एसआईटी की जांच में फंसे 74 शिक्षकों में से 10 संदिग्ध हैं, जिनमें से तीन के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई होना लगभग तय है। सात के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के लिए एसआईटी से विभाग ने सुझाव मांगा है।
बीएसए ने 64 शिक्षकों के खिलाफ तो बर्खास्तगी की कार्रवाई की थी, जिनमें से कुछ को कोर्ट ने राहत दे दी है। बीएसए ने भी ऐसे शिक्षक-शिक्षिकाओं को बहाल करते हुए नियुक्ति आदेश जारी कर दिया है, लेकिन 10 संदिग्ध डिग्री वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के खिलाफ अभी कार्रवाई होना बाकी है। इनमें से तीन की बर्खास्तगी दो-चार दिन में होना तय हो चुका है। बीएसए हरीशचंद्र ने बताया कि वर्ष 2004-05 की संदिग्ध बीएड की डिग्री वाले शिक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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इनमें से तीन की जांच पूरी हो चुकी है, जिसमें उच्च प्राथमिक विद्यालय सरौठ सादाबाद की शिक्षिका लता कुमारी, नगला काठ के प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक मुकेश देशवाल और जूनियर स्कूल करसौरा के शिक्षक प्रेमसिंह का नाम शामिल हैं। इन तीनों के बारे में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा ने स्पष्ट लिखकर दिया है कि इन तीनों के जो रोल नंबर हैं, वह विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2005 की बीएड परीक्षा के लिए आवंटित किए ही नहीं गए हैं, इसलिए इनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई होना लगभग तय है।
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