पुलिस मुठभेड़ स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारी
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हाथरस में सिकंदराराऊ के गांव बरामई मार्ग पर पुलिस का पशु चोरों से सामान हो गया। आमने-सामने की फायरिंग में दो चोरों के पैरों में गोली लगी। इनमें से एक 25 हजार का इनामी है। पुलिस ने घेराबंदी कर तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है, जो मेरठ, सहारनपुर से लेकर जिले में कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि पुलिस टीम 8 नवंबर रात मथुरा-बरेली मार्ग पर चेकिंग कर रही थी। सिकंदराराऊ पुलिस व स्वाट टीम ने सूचना पर बरामई मार्ग पर कॉबिंग शुरू की तो पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग कर दी। एक के बाद एक कई फायर होने पर पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इसमें दो बदमाशों के पैरों में गोली लगी।
एसपी ने बताया कि आसिफ निवासी शाहजहांपुर किठौर मेरठ और सतीश निवासी अहमदपुरी, किला परीक्षतगढ़ मेरठ के पैरों में गोली लगी है। इनमें आसिफ पर 25 हजार का इनाम घोषित है। इस दौरान घेराबंदी कर इनके तीसरे साथी इमरान निवासी दौलतपुर गंगोह सहारनपुर को भी गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि आसिफ शातिर अपराधी है तथा गिरोह के साथ सिकंदराराऊ क्षेत्र में कई घटनाएं कर चुका है। यह गिरोह सहारनपुर, मेरठ, हापुड़ व हाथरस में सक्रिय था। इनके पास से तीन तमंचे, छह कारतूस खोल, तीन जिंदा कारतूस व एक बाइक बरामद की गई है।
ये हुई थीं चोरी की घटनाएं
सिकंदराराऊ क्षेत्र में अप्रैल से अगस्त के बीच मवेशी चोरी की कई घटनाएं हुई थीं, जिसमें आसिफ का नाम सामने आया था। तब से यह फरार था। 22 अप्रैल 2025 की रात गांव गडि़या इकबालपुर के राकेश की दो भैंस चोरी हुई थीं। इसके बाद 26 अप्रैल को जुगेंद्र निवासी रतिभानपुर की भैंस चोरी हुईं। इसके बाद आठ मई की रात गांव टोली के सुग्रीव, 22 जुलाई को नगला जलाल के श्रीकृष्ण तथा नौ अगस्त को फिर से गांव टोली में गिर्राज शंकर की भैंस शातिर चोरी कर ले गए थे।