सहायक अध्यापक कमलकांत शर्मा की मृत्यु से बुधवार को परिवार में कोहराम मचा रहा। कमलकांत अपने परिवार का इकलौता सहारा थे। बुधवार को कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी उनके घर पहुंचे और शोक संतृप्त परिजनों को सांत्वना दी।
कमलकांत के परिवार में बुजुर्ग मां विजयलक्ष्मी, पत्नी और चार छोटे-छोटे बेटे विनायक, पुष्कर, माधव और देव हैं। मां व पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। कमलकांत सिकंदराराऊ में कासगंज रोड स्थित गांव नावली लालपुर के प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के रूप में तैनात थे और साथ ही बीएलओ के रूप में एसआईआर का कार्य कर रहे थे। गौरतलब है कि बुधवार की सुबह कमलकांत की चाय पीते समय अचानक मौत हो गई थी। उनकी पत्नी नीलम ने आरोप लगाया था कि वह एसआईआर के कार्य के चलते तनाव में थे। इस कारण उनकी मृत्यु हुई है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएम अतुल वत्स और एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने भी उनके घर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की थी।2011 में कमलकांत की नौकरी लगी थी। परिजनों के अनुसार कमलकांत की बहन रेनू टीबी की बीमारी से दम तोड़ चुकी हैं, जबकि छोटा भाई तुषार दिव्यांग था और किडनी संक्रमण के कारण उसकी भी मृत्यु हो गई थी। अब परिवार के आखिरी कमाने वाले सदस्य कमलकांत के निधन से परिजन सदमे में हैं।