जिले के चार छोटे रेलवे स्टेशनों पर रेलवे टिकट आरक्षण की सुविधा न होने के चलते हजारों यात्रियों को नजदीकी स्टेशनों की दौड़ लगानी पड़ रही है। जनसेवा केंद्रों पर तत्काल आरक्षण टिकट बुक नहीं होने के चलते यह समस्या और बढ़ रही है।
जिले के मुरसान, जलेसर रोड, रति का नगला और सासनी रेलवे स्टेशन क्षेत्र से करीब 7 से 8 लाख लोग जुड़े हुए हैं। इन स्टेशनों से प्रतिदिन 800 से 900 यात्री सफर करते हैं। आलम यह है कि इन रेलवे स्टेशनों पर अभी तक आरक्षण टिकट की बुकिंग सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस वजह से मुरसान और सासनी रेलवे स्टेशन क्षेत्र के बाशिंदे तत्काल व सामान्य आरक्षित टिकट के लिए हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन तक दौड़ लगाते हैं। इन यात्रियों को तत्काल आरक्षण टिकट लेने के लिए करीब 15 किमी की दूरी सुबह-सुबह तय करनी पड़ती है। जल्दी घर से निकलना पड़ता है। इसी तरह रति का नगला स्टेशन के लोगों को सिकंदराराऊ और हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन की दौड़ लगानी पड़ती है। जलेसर रोड स्टेशन क्षेत्र के यात्रियों को हाथरस सिटी स्टेशन तक पहुंचने के लिए 30 किमी का सफर तय करना पड़ता है। इन स्टेशनों पर सामान्य आरक्षण की सुविधा न होने के कारण जन सेवा केंद्रों पर अतिरिक्त शुल्क देकर टिकट बुक करानी पड़ती है।
-बयान
कोरोना काल के दौरान जलेसर रोड स्टेशन में कई सुविधाओं को बंद कर दिया गया था। आरक्षण की सुविधा न होने की वजह से हाथरस तक जाना पड़ता है। तत्काल आरक्षण की टिकट स्टेशन के अलावा कहीं से नहीं बन पाता है।
मुन्ना बाबू , ग्राम रुदायल।
तत्काल में आरक्षण की टिकट बनवाने में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। जन सेवा केंद्र संचालक तत्काल आरक्षण की टिकट नहीं बना पाते हैं, क्योंकि उनका तत्काल आरक्षण एक घंटा बाद शुरू होता है, जब तक टिकट समाप्त हो जाती हैं।
शिशु शर्मा, सहपऊ।
मुरसान में बहुत पुराना रेलवे स्टेशन हैं, लेकिन अभी तक इस स्टेशन पर आरक्षण टिकट बुकिंग की सुविधा नहीं हैं।
संजय चौहान, मुरसान।
यात्रियों की संख्या के आधार पर आरक्षण केंद्र की सुविधा दी जाती है। अगर यात्रियों की संख्या मानक अनुरूप होगी,तभी सुविधा दिया जाना मुमकिन होगा।
संजीव शर्मा, वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्य प्रबंधक इज्जतनगर।