जिले में 14 पीएचसी पर लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं है। इस कारण इन केंद्रों पर मशीन होने के बावजूद मरीजों की खून की जांच नहीं हो पाती है। मरीजों को मुफ्त जांच के लिए सीएचसी व जिला अस्पताल जाना पड़ता है या फिर निजी पैथोलॉजी लैब में खर्चा कर जांच करानी पड़ती है।
जिले का स्वास्थ्य विभाग संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों पर संसाधनों की बेहद कमी है। जिले में 25 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) संचालित हैं। इसके सापेक्ष यहां लैब टेक्नीशियन के 15 पद स्वीकृत हैं और इनमें से भी महज 11 लैब टेक्नीशियन की तैनाती है। जिले के 14 पीएचसी लैब टेक्नीशियन रहित हैं।
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केस1-
पीएचसी टिकारी पर नहीं है लैब टेक्नीशियन
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिकारी पर रोजाना करीब 200 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इस पर लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं है। इससे इस केंद्र पर मरीजों के खून की जांच नहीं हो पाती। मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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केस-2
सादाबाद के चार पीएचसी टेक्नीशियन विहीन
सादाबाद क्षेत्र में पांच सीएचसी हैं। इनमें से सिर्फ पीएचसी बिसावर पर ही लैब टेक्नीशियन तैनात हैं। वह भी जिला अस्पताल में संबद्ध है। इसके अतिरिक्त ऊंचागांव, जैतई, बिलारा और मई पीएचसी में लैब टेक्नीशियन नहीं हैं। यहां के मरीजों को खून की मुफ्त जांच के लिए सीएचसी सादाबाद की दौड़ लागानी पड़ती है। एमओआईसी दानवीर सिंह का दावा है कि इन चारों पीएचसी पर लैब टेक्नीशियन के पद स्वीकृत नहीं हैं।
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वर्जन-
जिले में 25 पीएचसी के सापेक्ष लैब टेक्नीशियन के सिर्फ 15 पद स्वीकृत हैं। 11 टेक्नीशियन की यहां तैनाती है। इनको अतिरिक्त प्रभार देकर पीएचसी पर जांच की सेवाएं दी जा रही हैं। हमारा प्रयास है कि सीमित संसाधनों में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए।
- डॉ. राजीव गुप्ता, नोडल व एसीएमओ, हाथरस।