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हाथरस में भी हैं अंग्रेजों से हुई जंग के निशां

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हाथरस में भी मौजूद हैं अंग्रेजों से हुई जंग के निशां
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वर्ष 1817 में तीन दिन तक चला था अंग्रेजी फौज और राजा दयाराम के बीच युद्ध
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। गुरुवार को पूरा देश स्वाधीनता दिवस मनाएगा। हाथरस में अंग्रेजों से हुई जंग के निशां आज भी मौजूद हैं। हाथरस का एतिहासिक किला परिसर और मंदिर श्रीदाऊजी महाराज राजा दयाराम की सेना की अंग्रेजों से हुई जंग का साक्षी है। यहां अंग्रेजी सेना और राजा की सेना के बीच 1817 में तीन दिन तक जंग चली थी।
जानकारों के मुताबिक 23 मार्च 1817 को अंग्रेजी सेना ने इस किले पर हमला किया। इसका गजेटियर और पुस्तकों में उल्लेख है। उस समय यहां राजा दयाराम का शासन था। राजा की सेना ने अंग्रेजी सेना की जमकर भिड़ंत हुई। तीन दिन तक जंग हुई और उसके बाद राजा के तोपखाने में आग लग गई।
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तब यहां अंग्रेजी सेना का आधिपत्य हो गया। मंदिर के गुंबद पर तोपों के गोलों के निशां आज भी देखे जा सकते हैं। मंदिर में आज भी एक गोला मौजूद है। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं भी इस गोले को देखकर अंग्रेजों के समय को याद करते हैं।
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पुरातन महत्व के स्थल पर कब्जों की भरमार
हाथरस। इस स्थल की महत्ता को देखते हुए इसे पुरातत्व स्थल घोषित कर दिया गया। जमीन, टीले और मंदिर इस संरक्षित स्थल में शामिल है। खेदजनक पहलू यह है कि पुरातत्व विभाग ने इसके विकास के लिए कई योजनाएं बनाई, लेकिन अवैध कब्जों से इस स्थल को मुक्ति नहीं मिली। पूर्व में एक तरफ बाउंड्रीवाल कराई गई थी, लेकिन विकास की कई योजनाएं अभी भी अधूरी हैं। एतिहासिक मंदिर और किला क्षेत्र की जमीन के अधिकांश हिस्से में अवैध कब्जे हैं।
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