शहर के बाजार की दुकान पर सजे हथफूल। संवाद
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पारंपरिक आभूषणों के प्रति महिलाओं और युवतियों का क्रेज एक बार फिर तेजी से लौट रहा है। आगामी त्योहारों और मांगलिक कार्यक्रमों के सीजन को देखते हुए बाजारों में हथफूल का फैशन नए रंग-रूप में कमबैक कर चुका है। कभी सिर्फ शादियों में दुल्हन की पहली पसंद रहने वाला यह आभूषण अब आम और छोटे आयोजनों में भी महिलाओं के शृंगार का खास हिस्सा बन गया है।
इन दिनों बाजार में पारंपरिक भारी-भरकम हथफूलों के बजाय हल्के वजन वाले हथफूलों की मांग ज्यादा है। खासकर एक उंगली में पहने जाने वाले हथफूल महिलाओं को बेहद भा रहे हैं, जिनमें पतली चेन के साथ अंगूठी का एक हल्का छल्ला जुड़ा होता है। यह डिजाइन न केवल देखने में काफी आकर्षक और एलिगेंट लगता है, बल्कि इसे पहनना भी बेहद आरामदायक होता है।
सासनी गेट चौराहे के कारोबारी शरद कुमार का कहना है कि लाइटवेट, कुंदन, पर्ल और एडी यानी अमेरिकन डायमंड वर्क वाले हथफूलों की नई रेंज दुकानों पर उपलब्ध हैं। त्योहारों के मौसम में अपनी ड्रेस के साथ मैचिंग के हथफूल खरीदने के लिए सराफा बाजार और आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ देखी जा रही है।
बजट में उपलब्ध हैं नए-नए डिजाइन
बागला मार्ग के कारोबारी सोनू वर्मा का कहना है कि आर्टिफिशियल ज्वेलरी मार्केट में 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की कीमत वाले हथफूलों की सबसे अधिक बिक्री हो रही है। कम कीमत में मिलने वाले ये फैंसी हथफूल बजट में फिट बैठने के साथ-साथ पारंपरिक और वेस्टर्न, दोनों तरह के परिधानों पर खूब जमते हैं।