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Hathras News: छह घंटे चला हंगामा, महिलाएं भी सड़क पर उतरीं

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धरना प्रदर्शन पर बैठीं महिलाओं को समझाने का प्रयास करते सीओ।संवाद - फोटो : samvad
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ई-रिक्शा चालक की बेटी (7) से हुई दरिंदगी की घटना से कस्बा ही नहीं आसपास के गांवों में भी आक्रोश है। सोमवार को महिलाएं भी सड़क पर उतर आईं और धरने-प्रदर्शन में शामिल हुईं। ये लोग आरोपी को फांसी दिलाने, उसके घर पर बुलडोजर चलाने और परिवार की आर्थिक मदद करने की मांग कर रहे थे।
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सोमवार सुबह आठ बजे आक्रोशित लोगों ने फिर से धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था और बाजार बंद रखा। प्रदर्शनकारी हर हाल में इंसाफ हो, फांसी दो जैसे नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थे। गांव मई के व्यापारी और ग्रामीण भी बाजार बंद कर कस्बे में पहुंच गए।

आक्रोशित लोगों का कहना था कि आरोपी युवक को फांसी दिलाई जाए और घर पर बुलडोजर चलना चाहिए। पीड़ित परिवार को मुआवजा और बिटिया का निजी अस्पताल में इलाज कराया जाए। एडीएम, एएसपी अशोक कुमार, एसडीएम सादाबाद संजय कुमार, डिप्टी कलक्ट्रेट मनीष चौधरी, सीओ हिमांशु माथुर, नायब तहसीलदार अशोक गुप्ता ने इन्हें समझाने का प्रयास किया। इन्होंने पीड़ित बच्ची के परिजनों को सुकन्या समृद्धि योजना, पीएम आवास योजना, रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष योजना सहित कई अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। पीडित बच्ची की शादी के लिए 10 लाख, एक अन्य योजना से साढ़े सात लाख रुपये व दो लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता, मकान के लिए जगह दिए जाने का भी आश्वासन दिया। साथ ही मजबूत पैरवी कर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कही। इसके बाद दोपहर करीब दो बजे धरना प्रदर्शन को समाप्त कर दिया गया।
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जाम लगाने के लिए दौड़ीं महिलाएं, पुलिस के हाथ-पांव फूले

बिसावर। बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए चल रहे धरने से शामिल महिलाएं अचानक उठीं और बस स्टैंड पर जाम लगाने के लिए दौड़ पड़ी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। वह उनके पीछे दौड़े और किसी तरह से समझाकर उन्हें बस स्टैंड पर पहुंचने से रोका।

बार-बार मां के आंचल में छिप रही डरी-सहमी बच्ची

सादाबाद। अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती बच्ची को सोमवार को होश आ गया, लेकिन अभी वह डरी-सहमी हुई है। वह घटना को बयां नहीं कर पा रही। बच्ची की दादी ने बताया कि बच्ची को होश आ गया है, लेकिन उसकी हालत अभी ठीक नहीं है, वह कुछ बोल नहीं पा रही। बार-बार वह अपनी मां के आंचल में सिमट रही है।

दिनभर दौड़ते रहे अफसर और पुलिस

सादाबाद। धरना-प्रदर्शन और हंगामे के चलते दिनभर पुलिस और अफसर कस्बे में दौड़ते रहे। पीड़ित बच्ची और आरोपी के घर व धर्मस्थल पर पुलिस तैनात रही। अफसर पुलिस बल के साथ कभी इन स्थानों तो कभी धरनास्थल पर जाकर जानकारी करते रहे। संवेदनशील स्थानों और प्रमुख चौराहों पर पुलिस तैनात रही। यहां कई थानों की पुलिस फोर्स के अलावा पीएसी भी लगाई गई है। डीएम और एसपी लगातार घटना की जानकारी लेते रहे।
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