घने कोहरे में ट्रेनों के लेट होने का सिलसिला लगातार जारी है। मंगलवार को भी हाथरस जंक्शन, हाथरस सिटी और हाथरस किला स्टेशन पर पहुंचने वाली ट्रेनों की स्थिति बेहद खराब रही। ऊंचाहार एक्सप्रेस सबसे अधिक करीब नौ घंटे की देरी से हाथरस पहुंची, जबकि हाथरस किला से दिल्ली जाने वाली एचएडी पैसेंजर ट्रेन भी चार घंटे की देरी से पहुंची।
घने कोहरे के चलते दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिसका सीधा असर रेल संचालन पर पड़ रहा है। हाथरस जंक्शन और हाथरस सिटी स्टेशन पर सुबह से ही यात्री ट्रेनों के इंतजार में प्लेटफॉर्म पर बैठे नजर आए। कई यात्रियों को गंतव्य तक समय से पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा।
ऊंचाहार एक्सप्रेस सबसे अधिक प्रभावित रही, जो करीब नौ घंटे की देरी से स्टेशन पर पहुंची। इसके अलावा फरक्का, संगम, मुरी, कविगुरु, कालका, गोमती और महानंदा एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित रही। दिल्ली जाने वाली एचएडी पैसेंजर ट्रेन भी चार घंटे की देरी से दिल्ली पहुंची।
रात को लौटने वाली एचएडी पैसेंजर ट्रेन दो घंटे की देरी से हाथरस किला स्टेशन पहुंची, जिससे रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को खासा नुकसान उठाना पड़ा।
यात्रियों का कहना है कि कोहरे के मौसम में लगातार ट्रेनों के लेट होने से उन्हें समय, धन और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार का कहना है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की गति नियंत्रित की जा रही है, जिससे देरी हो रही है। मौसम साफ होते ही ट्रेनों के संचालन में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
हाथरस सिटी व हाथरस जंक्शन पर ये ट्रेनें रहीं लेट
15056 रामनगर-आगरा फोर्ट 23 मिनट, 19716 लखनऊ-जयपुर एक्सप्रेस 24 मिनट, 19615 कविगुरु एक्सप्रेस 1:16 घंटे और 19401 अहमदाबाद-लखनऊ एक्सप्रेस 58 मिनट देरी से पहुंची। 12311 कालका मेल 1:54 घंटे, 12419 गोमती एक्सप्रेस करीब दो घंटे, 15707 अमृतसर एक्सप्रेस 1.06 घंटे देरी से पहुंची।