सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के संयुक्त सचिव आशुतोष जिंदल एवं लॉ ऑफिसर गौरव सिंह ने पेट्रोल-डीजल पंपों के बारे में की गई शिकायत की यहां आकर जांच की। याचिका दाखिल करने वाली पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय और सादाबाद के सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने भी टीम के सामने पेश होकर अपना पक्ष प्रस्तुत किया और साक्ष्य बतौर दस्तावेज भी पेश किए।
जो भी लोग टीम से मिलने पहुंचे, टीम ने उन सभी से विस्तार से वार्ता की और उनका पक्ष सुना। जांच टीम से मिलने सबसे पहले पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की पत्नी एवं पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय अपने देवर जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय के साथ पहुंचीं। उन्होंने अपनी शिकायत के समर्थन में दस्तावेज भी टीम को सौंपे।
काफी देर तक टीम से वार्ता करने के बाद वह बाहर निकलीं। उनका कहना था कि हमने पक्ष टीम के सामने रख दिया है और दस्तावेज भी टीम को सौंप दिए हैं। इसके बाद सपा सादाबाद विधायक देवेंद्र अग्रवाल भी जांच दल के सामने प्रस्तुत हुए। उन्होंने भी कुछ अधिवक्ताओं के साथ अपना पक्ष टीम के सामने रखा और अपने दस्तावेजी साक्ष्य भी सौंपे। उन्होंने भी टीम के साथ हुई बातचीत का ब्योरा नहीं दिया।
जांच दल ने इस दौरान पूरी कार्रवाई की विधिवत रूप से रिकॉर्डिंग भी कराई। इस रिकॉडिंग की एक प्रति भी अपने पास सुरक्षित की। टीम ने इस दौरान उन लोगों को इस संबंध में पक्ष रखने और साक्ष्य प्रस्तुत करने का मौका दिया, जो इसके लिए इच्छुक थे, लेकिन इन दोनों नेताओं के अलावा कोई अन्य जांच टीम के सामने अपना पक्ष रखने के लिए नहीं पहुंचा।
जांच टीम ने इसे गोपनीय बताते हुए इसके बाद किसी भी प्रकार की जानकारी मीडिया को देने से साफ इंकार कर दिया, लेकिन मौके पर यह चर्चा रही कि आखिर टीम को जांच में क्या हासिल हुआ और शिकायतकर्ता व विपक्षी पक्ष ने क्या दलीलें अधिकारियों के सामने पेश कीं। जांच के दौरान डीएम अविनाशकृष्ण सिंह, एसपी दिलीप कुमार, एडीएम एएच कर्नी, संसार सिंह, डीएसओ सुरेंद्र यादव, एसडीएम सदर राकेश कुमार गुप्ता, सीओ सिटी आरके गौतम, शहर कोतवाल सूर्यकांत द्विवेदी, कोतवाल हाथरस गेट रजनेश कुमार तिवारी सहित पूरा पुलिस एवं प्रशासन का अमला तैनात रहा।
वहीं, सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल का कहना है कि पेट्रोलियम मंत्रालय की टीम के सामने पूरे दस्तावेजों के साथ अपना पक्षा रखा और यह भी बता दिया कि जिन पेट्रोल-डीजल पंपों को उनका बताया जा रहा है, उनसे उनका कोई लेना-देना ही नहीं है। उन्होंने विरोधियों के परिचितों और रिश्तेदारों के नाम से चल रहे पंपों का ब्योरा भी टीम को सौंपा है।
विधायक के मुताबिक जिन पेटी डीलर के लाइसेंसों को मेरा बताया जा रहा था, उनमें से कई लाइसेंस धारियों ने भी वहां पहुंचकर टीम को बताया कि इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। इन सभी लाइसेंसों पर संबंधित धारक खुद ही काम कर रहे हैं।