आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले शनिवार को हुई जिला पंचायत बोर्ड की बैठक काफी हंगामेदार रही। विपक्ष के सपा, भाजपा एवं रालोद के कई सदस्य बैठक का बहिष्कार कर सदन से चले गए। इसके बाद भी बैठक में आवश्यक सदस्यों का कोरम पूरा होने पर गत बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की गई।
वर्ष 2016-17 के संशोधित बजट एवं 2017-18 के बजट को भी सदन ने स्वीकृत कर दिया। विकास योजनाओं के शिलान्यास में भेदभाव का आरोप लगाते हुए विरोधी जिला पंचायत सदस्यों ने सदन में जमकर हंगामा किया, तीखे आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय और जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय ने आश्वासन देकर उन्हें शांत किया।
सदन में पूर्व ऊर्जा मंत्री एवं सिकंदराराऊ विधायक रामवीर उपाध्याय ने सभी सदस्यों को इस मौके पर भरोसा दिलाया कि वह अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के प्रस्ताव लिखित रूप में उपलब्ध कराएं। उनके इन सभी कार्यों को पूरा कराने के प्रयास किए जाएंगे, जिससे जिले की जनता की समस्याआें का समाधान हो सके।
सदस्याें की मांग पर उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जिस जिला पंचायत सदस्य के क्षेत्र में कार्य होंगे, उस क्षेत्र के विधायक, जिला पंचायत सदस्य का नाम भी जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय के साथ शिलालेख पर होगा।
सदन में जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन राही ने कुछ सड़काें एवं ग्राम पंचायतों में सफाई, हैंडपंपों को सही कराने का मुद्दा उठाया, जबकि ब्लॉक प्रमुख हसायन के प्रतिनिधि सुमंत किशोर ने भी कुछ सड़कों एवं डीटीएसपी की समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए उनका समाधान चाहा।
अंत मेें जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय ने सभी सदस्यों का धन्यवाद देते हुए सभी के क्षेत्रों में हरसंभव विकास कार्य कराने का संकल्प लिया। बैठक में जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय, कल्पना उपाध्याय, सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव, ब्लॉक प्रमुख हाथरस अमर सिंह पंाडेय, मुरसान ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य रामवती बघेल सहित करीब 20 सदस्य उपस्थित हुए। संचालन अपर मुख्य अधिकारी हरमीक सिंह ने किया।
जिला पंचायत की बैठक शुरू होते ही विरोधी दलों के जिला पंचायत सदस्य अपनी कुर्सियां छोड़कर सदन में खडे़ हो गए। इन सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष पर आरोप लगाए कि उनके क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं।
उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जाता है। उनके क्षेत्रों में जो विकास कार्य हो रहे हैं, उन कार्यों पर लगे शिलालेखों पर विरोधी दलों के जिला पंचायत सदस्यों के नाम नहीं होते हैं। विरोध करने वाले जिला पंचायत सदस्यों में सपा की ओमवती यादव, नीतू यादव के पति मनोज यादव, श्याम सिंह प्रधान, रालोद के जिला पंचायत सदस्य प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू शामिल थे।