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चिकित्सक हैरान: पेट में मिली धातु-प्लास्टिक की 350 ग्राम की 56 वस्तुएं, संक्रमण से गई जान

Sun, 03 Nov 2024 02:29 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

ऑपरेशन के दौरान आदित्य के पेट से बैटरी के सेल, नट- बोल्टस, ब्लेड्स, यूएसबी पोर्ट, सिरिंज सुई के कैप आदि सहित धातु एवं प्लास्टिक की 56 वस्तुओं को निकाला गया था, जिनका वजन 350 ग्राम हैं। संक्रमण फैलने के बाद उसकी आंत फट गई थी।
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आदित्य के पेट के अल्ट्रासाउंड में दिखते घड़ी में लगाने वाले सेल, ब्लेड व चौबा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हाथरस शहर की रत्नगर्भा कॉलोनी निवासी कक्षा नौ के छात्र आदित्य के पेट में मिली धातु और प्लास्टिक की वस्तुओं का वजन करीब 350 ग्राम था। इनसे आंत में संक्रमण फैल गया था। इसके बावजूद छात्र के गले या मुंह में कोई जख्म नहीं था, जिसे देख सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सक भी हैरान हैं। उनका कहना है कि इसकी जांच होनी चाहिए।

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आदित्य की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में 28 अक्तूबर की रात उपचार के दौरान मौत हो गई थी। सफदरजंग अस्पताल में प्रोफेसर सर्जरी विभाग डॉ. मेघराज कुंदन की टीम ने उसका ऑपरेशन किया था। इनका कहना है कि ऑपरेशन के दौरान आदित्य के पेट से बैटरी के सेल, नट- बोल्टस, ब्लेड्स, यूएसबी पोर्ट, सिरिंज सुई के कैप आदि सहित धातु एवं प्लास्टिक की 56 वस्तुओं को निकाला गया था, जिनका वजन 350 ग्राम हैं। संक्रमण फैलने के बाद उसकी आंत फट गई थी, जिसका बाद में ऑपरेशन किया गया था।
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हाथरस के वरिष्ठ सर्जन डॉ. भरत यादव ने बताया कि पेट या आंत कोई अनचाही घातक वस्तु पहुंचती है तो वह आंतों में संक्रमण फैलाती है। आंत के उस हिस्से में गलाव आने लगता है और आंत फट जाती है। गंदे प्रोडक्ट के साथ मल भी पेट में भरने लगता है। इसे परफोरेशन पेरीटोनाइटिस बोलते हैं। ये जानलेवा बीमारी होती है। ऐसे मरीज सर्जन रोज देखते हैं, लेकिन यह केस अपने आप में अलग है। पेट में ब्लेड, लोहे व प्लास्टिक की वस्तुएं मिलें और मुंह व मलद्वार पर कोई जख्म न हो। ऐसे में यह बच्चा अब तक जीवित कैसे था, इससे सभी हैरान हैं।

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