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Hathras News: गिरोह ने छह साल में 100 से अधिक युवा ठगे, कई विदेश भेजे

Fri, 21 Nov 2025 02:47 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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साइबर पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर संजय राणा अपनी कंसलटेंसी के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नाम पर ठग रहा था। पिछले छह वर्षा में वह अब तक सौ से अधिक युवाओं को ठग चुका है। जिनमें से कई विदेश भेजे हैं।
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अब तक तीन छात्रों के थाईलैंड भेजे जाने की बात खुद उसने स्वीकारी है। हालांकि पूछताछ जारी है। अब तक उजागर हुआ है कि चीनी साइबर ठग सरगना गिरोह में चार सौ से अधिक एजेंट हैं। जो पैसों के लालच में युवाओं के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं।




सात नवंबर को दोनों छात्र-छात्रा के वापस आते ही गाजियाबाद पुलिस के इनपुट पर हाथरस पुलिस सक्रिय हो गई थी। इसके बाद दोनों पीडि़तों से पूछताछ की व संजय राणा के खिलाफ 18 नवंबर को साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया। साइबर थाना प्रभारी आशीष कुमार व उनकी टीम ने हिमाचल के कांगड़ा जिले से शातिर संजय को गिरफ्तार कर लिया और बृहस्पतिवार को हाथरस ले आई।
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एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि संजय मूल रूप से कांगड़ा के जगनौली, थाना फतेहपुर का रहने वाला है। वह कोलकाता में मेरलियन मैनेजमेंट एंड एजुकेशन सेंटर के नाम से कसंलटेंसी चला रहा है। इसी कंसलटेंसी के जरिए वह मर्चेंट नेवी, एयरपोर्ट आदि स्थानों पर नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करता है।



संजय ने दोनों के साथ यही किया। छह लाख रुपये वसूलने के बाद जब दोनों ने नौकरी का दबाव बनाया तो अपने साथी सचिन राणा की मदद से दोनों को थाईलैंड भेज दिया। अब तक इसने 100 से अधिक युवाओं से ठगी कर कई को विदेश भेजना स्वीकारा है।




नदी के रास्ते पार कराया बॉर्डर

एसपी ने बताया कि सचिन पहले से ही थाईलैंड में था। संजय ने सचिन को दोनों युवाओं का फोटो भेजा था। सचिन ने कैब चालक को फोटो भेजकर उन्हें म्यांमार के लिए ट्रांसपोर्ट कराया था। टूरिस्ट वीजा पर भेजे गए दोनों को नदी के रास्ते दोनों को बॉर्डर पार कराया था।




400 से अधिक एजेंट

पुलिस की छानबीन में सामने आया है कि इस रैकेट में 400 से अधिक एजेंट हैं। ये एजेंट कंसलटेंसी, कॉलेज व विभिन्न आईटी संस्थानों से जुड़े रहते हैं। विदेश नौकरी करने के इच्छुक युवाओं की तलाश की जाती है। इनसे नौकरी के नाम पर पैसा लिया जाता है। दूसरी ओर तस्करी करने पर भी कमाई होती है। इसी लालच में एजेंट ज्यादा से ज्यादा युवाओं को भेजने की फिराक में रहते हैं।




रिटायर्ड सेन्यकर्मी है शातिर संजय

पकड़ा गया आरोपी संजय रिटायर्ड सेन्यकर्मी है। वर्ष 1999 में उसकी भर्ती हुई थी। इसके बाद 2015 में उसे रायगढ़, रांची से वीआरएस ले लिया था। इसके कुछ साल बाद कंसलटेंसी खोला और ठगी का धंधा शुरू कर दिया।




दहशत में हैं दोनों पीडि़त
भारतीय वायु सेना के कारगो प्लेन से भारत लाए गए दोनों युवक व युवती दहशत में हैं। दो महीने दूसरे देश में बंधक बनाने का दर्द उनके चेहरे पर साफ झलक रहा है। वे ज्यादा कुछ तो नहीं बता सके, लेकिन कहना है कि अभी म्यांमार में कई युवा इसी तरह फंसे हुए हैं तथा सालों से वहां काम कर रहे हैं।






डेटिंग एप से भारतीय व अमेरिका के लोगों से ठगी

एसपी ने बताया कि म्यांमार में डेटिंग एप के जरिए भारतीय व अमेरिका के लोगों से ठगी की जाती है। इसके लिए भारत से युवाओं की अधिक मांग है। इसलिए यह नेटवर्क फलफूल रहा है। संजय ने साथी की मदद से यूएसडीटी साइबर फा्रड के काम में लगा दिया। कंसलटेंसी के नाम पर अब भारत, थाईलैंड व म्यांमार में कंपनी बन गई हैं, जो दूसरी कंपनियों को युवाओं को बेचती हैं।
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