27 जून को हाथरस में हुए सामूहिक विवाह समारोह में दोनों की शादी हो गई। युवती के परिजनों का कहना है कि वर पक्ष ने उन्हें गलत विवरण दिया। इससे उन्हें ठेस पहुंची और उन्होंने युवती की शादी दूसरी जगह करने का निर्णय ले लिया। बृहस्पतिवार को शादी की रस्म चल ही रही थी कि पहला वर पुलिस को लेकर मौके पर पहुंच गया।
हाथरस के एक गांव निवासी युवती के परिजनों ने 27 जून को हुए सामूहिक विवाह समारोह में हुई शादी को खारिज कर दिया और दूसरी शादी की तैयारी करने लगे। जानकारी होने पर वर पक्ष पुलिस को लेकर मौके पर पहुंच गया और शादी रुकवा दी। कोतवाली में पुलिस के समक्ष दोनों पक्षों में समझौता हो गया। पहले दूल्हे ने युवती की दूसरे वर से शादी की सहमति दे दी।
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गांव निवासी युवती की शादी दिल्ली के युवक के साथ तय हुई थी। 27 जून को हाथरस में हुए सामूहिक विवाह समारोह में दोनों की शादी हो गई। युवती के परिजनों का कहना है कि वर पक्ष ने उन्हें गलत विवरण दिया। इससे उन्हें ठेस पहुंची और उन्होंने युवती की शादी दूसरी जगह करने का निर्णय ले लिया। बृहस्पतिवार को शादी की रस्म चल ही रही थी कि पहला वर पुलिस को लेकर मौके पर पहुंच गया।
युवक का कहना था कि युवती से उसकी शादी हो चुकी, इसलिए वह दूसरी शादी कैसे कर सकती है। पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली ले आई। काफी देर बहस के बाद तय किया गया कि युवती की शादी उसकी मर्जी के अनुसार दूसरे वर से की जाए। पहले वर ने जो खर्चा किया था, उसे वसूल कर लिया गया। दोनों पक्षों ने समझौता लिखकर कोतवाली पुलिस को दे दिया। कोतवाल आशीष कुमार सिंह का कहना था युवती बालिग है, इसलिए उसकी मर्जी के अनुसार उसकी शादी होगी।