हाथरस के कोल्ड स्टोर में आग पर अभी काबू नहीं पाया जा सका है। वहां मथुरा रिफाइनरी, हरदुआंगज विद्युत उत्पादन केंद्र, अलीगढ़, यारा केमिकल बबराला, संभल से भी दमकल और विशेषज्ञ बुलाने की मांग की गई है।
शीतगृह में लगी आग विकराल रूप धारण करती रही, लेकिन प्रशासन की नींद नहीं टूटी। हाथरस जिले के सीमित संसाधनों के बल पर ही आग बुझाने की कोशिश होती रही। बाद में शीतगृह स्वामी की गुहार पर मथुरा रिफाइनरी से दमकल और आग बुझाने के उपकरणों के साथ बुलाई गई।
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यदि समय से ऐसा कर लिया गया तो व्यापारियों का माल बच सकता था। 1 अप्रैल की सुबह से शाम तक आग काबू में नहीं आई तब भी अधिकारी इसे हल्के में लेते रहे। 2 अप्रैल की सुबह भी जब आग काबू में नहीं आई तो शीतगृह स्वामी शानू अग्रवाल ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा और कहा कि 1 अप्रैल सुबह से लेकर 2 अप्रैल सुबह तक भी आग नहीं बुझी है। 1 अप्रैल रात में एक बजे एसडीआरएफ की एक टीम भी पहुंच गई है।
आग की विकरालता देखते हुए संसाधन कम पड़ रहे हैं। इसमें आसपास के जिलों के साथ मथुरा रिफाइनरी, हरदुआंगज विद्युत उत्पादन केंद्र, अलीगढ़, यारा केमिकल बबराला, संभल से भी दमकल और विशेषज्ञ बुलाने की मांग की। अन्यथा आग अन्य चैंबर में भी पहुंच सकती है। इसके बाद तंत्र की आंखें खुलीं और मथुरा इंडियन ऑयल कॉपरेशन लिमिटेड से हैवी प्रेशर की दमकल की गाड़ी बुलाई गई। यह गाड़ी 2 अप्रैल शाम करीब चार बजे पहुंची।
कोल्ड स्टोरेज में आग लगी है। आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से प्रयास किया जा रहा है, लेकिन आग काबू में नहीं आ पा रही है।-रविकांत अग्रवाल, अध्यक्ष, कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन।