घंटाघर पर प्याऊ को कब्जा मुक्त कराने के लिए कागजात देखते एसडीएम।
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उपजिलाधिकारी सदर अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में शहर में अतिक्रमण हटवाए गए। अधिकारियों ने घंटाघर स्थित सार्वजनिक प्याऊ को अतिक्रमण मुक्त कराया। दूसरी तरफ भूरापीर स्थित सार्वजनिक शौचालय को कब्जा मुक्त कराया गया। प्रशासन और पुलिस से इन अतिक्रमणकारियों की नोकझोंक भी हुई। लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे अतिक्रमणकारियों की एक नहीं चली।
शहर में सार्वजनिक स्थलों पर लगातार अतिक्रमण बढ़ते जा रहे हैं। इन अतिक्रमण को हटाने के लिए बुधवार को एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रशासन की टीम एवं सदर कोतवाल जसपाल पवार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अभियान चलाया। पुलिस और प्रशासन की टीम सबसे पहले घंटाघर पहुंची। नगर पालिका कर्मचारियों की टीम भी इनके साथ थी। यहां सार्वजनिक प्याऊ पर लोगों ने लंबे समय से कब्जा कर लोगों द्वारा अपनी दुकान चलाई जा रही थी।
इस प्याऊ को पूर्व में भी पुलिस प्रशासन ने कब्जा मुक्त कराया था। इसके बावजूद फिर लोगों द्वारा इस पर कब्जा कर लिया था, लेकिन एसडीएम ने इन कब्जाधारियों को कठोर चेतावनी दी कि अगर अब उन्होंने इस प्याऊ पर कब्जा किया तो उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शहर के भूरापीर स्थित सार्वजनिक शौचालय पर भी लंबे समय से कब्जा था। इस शौचालय में कुछ लोगों ने कब्जा कर इसमें निवास बना रखा था। प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी शिकायत लगातार संपूर्ण समाधान दिवस में भी प्राप्त हो रही थी, लेकिन यह कब्जेदार इसे कब्जा मुक्त नहीं कर रहे थे। यहां भी की टीम ने पहुंचकर इस शौचालय में रह रहे लोगों का सामान बाहर निकाल दिया। इस पर दोबारा कब्जा नहीं हो सके, पालिका प्रशासन ने यहां अपना ताला लगा दिया, जिससे भविष्य में शहर की जनता के लिए इसका उपयोग कराया जा सके।