नगर पालिका परिषद की मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष के निजी सुरक्षा कर्मी द्वारा सभासद से की गई अभद्रता का मामला बुधवार को जिले के प्रभारी मंत्री असीम अरुण तक पहुंच गया। बुधवार की शाम सभासदों का प्रतिनिधिमंडल प्रभारी मंत्री से मिला और उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा।
नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 35 के सभासद मनीष अग्रवाल के नेतृत्व में बुधवार को सभासदों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि 17 अक्तूबर को नगर पालिका बोर्ड की बैठक में कुछ ऐसे प्रस्ताव दिए गए, जिनमें आज की तारीख तक न्यायालय में सुनवाई चल रही है। नगर पालिका को यह प्रस्ताव बैठक में नहीं लाने चाहिए थे। बोर्ड को बने हुए लगभग चार माह हो चुके हैं, लेकिन बोर्ड सदन में सभासद मनीष अग्रवाल ने कहा कि पिछले माह की बैठक में जो प्रस्ताव पास किए गए थे, उन पर शहर हित में क्या काम हो रहा है।
इस पर नगर पालिकाध्यक्ष, ईओ और कर्मचारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। बाउंसर और पूर्व सांसद के साथ आए कुछ असामाजिक तत्व व सफाई कर्मचारी नेता झगड़ा करने लगे। एक सभासद पर झूठा मुकदमा पूर्व में दर्ज कराया जा चुका है। इसकी मिसाल पूर्व सांसद देते रहते हैं। उन्होंने विषय पर संज्ञान लेकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
सभासदों ने ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, सासंद, विधायक सदर व जिलाधिकारी को भी भेजी है। प्रतिनिधिमंडल में रचना गोयल, बीना जैन, क्षमा शर्मा, नवीन सबलोक, सुनील पंडित, सत्यम शर्मा, अतुल चौधरी, हिमांशु कौशिक, बेबी कुशवाहा, अनुपम शर्मा, विमलेश सुरेश चौधरी, लक्ष्मी कुशवाहा, उपासना सिंह गौतम, रामजी लाल वर्मा सभासद के अलावा कई सभासदों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।