जिले में बुखार का प्रकोप बेलगाम हो चुका है। नगरीय क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण अंचल तक लोग बुखार से तप रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल के अलावा जिले के पांचों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 2583 मरीज पहुंचे। इनमें 659 मरीज बुखार से पीड़ित थे। डेंगू और मलेरिया के संदेह पर 292 मरीजों के खून की जांच कराई गई।
बागला जिला अस्पताल में फिलहाल सभी वार्ड बुखार के मरीजों से भरे पड़े हैं। आलम यह है कि बेड नहीं होने पर बेंचों पर लिटाकर मरीजों का उपचार किया जा रहा है, जबकि कुछ बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया गया है। मंगलवार को जिला अस्पताल में कुल 950 मरीज पहुंचे। इनमें अकेले 600 मरीज बुखार से पीड़ित थे। 175 मरीजों के खून की जांच कराई गई है, लेकिन इनमें से कोई भी डेंगू या मलेरिया पीड़ित नहीं निकला। शहर में निजी चिकित्सकों के यहां भी बुखार के मरीजों की भरमार है। उनके यहां भी सभी बेड मरीजों से भरे पड़े हैं और नए मरीजों को भर्ती करने की जगह नहीं बची है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदराराऊ की ओपीडी में मंगलवार को कुल 357 मरीज पहुंचे। इनमें से 47 मरीज बुखार पपीड़ित थे। नौ मरीजों के खून की जांच कराई गई है। इसके अलावा सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीज भी पहुंचे। सीएचसी सादाबाद की ओपीडी में कुल 600 मरीज पहुंचे। इनमें बुखार के 200 मरीज शामिल हैं। 25 लोगों के खून की जांच कराई गई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहपऊ में कुल 150 मरीज पहुंचे। इनमें 50 बुखार पीड़ित थे। इन सभी के खून की जांच कराई गई। बागला जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. सूर्यप्रकाश का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण बुखार के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। अस्पताल में कम संसाधनों के बावजूद मरीजों को हर संभव इलाज दिया जा रहा है।
सासनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर वायरल बुखार के मरीजों की कतार लगी रही। यहां ओपीडी में 352 मरीज पहुंचे, इसमें 62 लोग वायरल बुखार से पीड़ित मिले। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. दलबीर सिंह रावत ने बताया कि 15 मरीजों की डेंगू और 19 की मलेरिया जांच कराई गई है। लगभग 60 मरीजों के एक्स-रे कराए गए हैं। हसायन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 174 मरीज पहुंचे। इनमें ज्यादातर बुखार से पीड़ित थे।
गांव छौंड़ा में मिले बुखार के 50 मरीज
सासनी। क्षेत्र के गांव छौंड़ा में घर-घर में बुखार के मरीज हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. दलबीर सिंह रावत ने टीम गठित कर गांव का सर्वे कराया और शिविर लगाकर मरीजों के खून की जांच कराई उन्हें दवाएं दीं। गांव में बुखार के 50 मरीज मिले। इनमें से 21 मरीजों की डेंगू और 21 की मलेरिया की जांच की गई है। रिपोर्ट आने के बाद इनका उपचार शुरू होगा। डॉ. रावत ने लोगों से अपील की है कि बदलते मौसम में पूरी बाजू के कपड़े पहनें और सावधानी बरतें। बुखार आने पर स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक की सलाह लें। संवाद