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Hathras News: फूड कोर्ट की बिजली का खर्च ठेकेदार को मिलेगा, डिस्को भी चलेगा

Sun, 20 Sep 2026 02:12 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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मेले में रात्रि में चलते झूले। संवाद - फोटो : Samvad
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लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज में झूलों के संचालन को लेकर शुक्रवार रात शुरू हुआ टकराव करीब 18 घंटे बाद शनिवार शाम खत्म हो गया। रात आठ बजे झूलों का संचालन बंद होने के बाद ठेकेदार और प्रशासन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।
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शनिवार दोपहर 12 बजे तक का दिया गया अल्टीमेटम भी खत्म हो गया। इसके बाद रात में मेला पूरी तरह बंद किए जाने की तैयारी की सुगबुगाहट प्रशासन तक पहुंची तो उपजिलाधिकारी सदर राज बहादुर सिंह को मध्यस्थता की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसके बाद शनिवार शाम हुई बैठक में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे और कई बिंदुओं पर सहमति बनी। इसमें प्रशासन द्वारा स्थापित कराए गए फूड कोर्ट की बिजली के उपभोग का खर्च मेला ठेकेदार को मिलने, दाऊजी मंदिर के मुख्य द्वार पर माखन-मिश्री की दुकान लगाने, महिला बाजार में दुकानें और फड़ें लगाने और डिस्को पार्टी के संचालन पर सहमति बनी।
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बैठक के बाद ठेकेदार और अन्य दुकानदार वापस मेला परिसर में लौट गए। हालांकि, बैठक से एडीएम को अलग रखे जाने को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं होती रहीं। एडीएम ने कहा कि मेला प्रभारी दोनों पक्षों से बातचीत कर रहे हैं और मेले में किसी भी तरह की अश्लीलता नहीं होने दी जाएगी। हालांकि, बैठक से खुद को अलग रखे जाने के सवाल पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। एसडीएम सदर राज बहादुर सिंह ने कहा कि हर बिंदु पर चर्चा के बाद समझौता हुआ है। मेला संचालन में किसी भी तरह व्यवधान नहीं रहेगा।
इससे पहले शुक्रवार रात झूलों का संचालन बंद होने के कारण मेले में पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा था। अब दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति के बाद मेले के मनोरंजन और बाजार से जुड़ी व्यवस्थाओं के सामान्य होने का रास्ता साफ हुआ है।
18 घंटे तक चलता रहा आरोप-प्रत्यारोप
विवाद की शुरुआत शुक्रवार रात करीब आठ बजे हुई, जब मेला ठेकेदार ने झूलों का संचालन बंद करा दिया था। ठेकेदार ने प्रशासन पर परेशान करने और टेंडर की शर्तों के विपरीत व्यवस्थाएं करने का आरोप लगाया था। उसका कहना था कि दुकानों के आवंटन में उसकी सहमति के विपरीत चुनिंदा लोगों को जगह दी जा रही है। दूसरी ओर प्रशासन ने ठेकेदार पर नियमों और शर्तों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया था। एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रशांत तिवारी ने एफआईआर कराने और फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की बात कही थी। इसके बाद शनिवार शाम प्रशासन और मेला पक्ष के बीच बैठक हुई। इसमें अलग-अलग व्यवस्थाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई और विवाद को खत्म करने का रास्ता निकाला गया।
फूड कोर्ट की बिजली का खर्च ठेकेदार को मिलेगा : प्रशासन की ओर से स्थापित कराए गए फूड कोर्ट के संचालन को लेकर तय किया गया कि वहां उपभोग की गई बिजली का खर्च मेला ठेकेदार को मिलेगा। इससे फूड कोर्ट के संचालन से जुड़े बिजली खर्च को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई।
मुख्य द्वार पर रहेगी माखन-मिश्री की दुकान : दाऊजी मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर माखन-मिश्री की पारंपरिक प्रसादी की दुकान लगाई जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि प्रसादी की इस पारंपरिक दुकान से होने वाली आमदनी प्रभावित न हो और पूर्व की व्यवस्था बनी रहे।
महिला बाजार में दुकानें, फड़ें भी लगेंगी : महिला बाजार में पूर्ववत दुकानें सजाई जाएंगी। इसके अलावा मेला परिसर में छोटी-छोटी फड़ें लगाने की भी अनुमति दे दी गई है। इससे छोटे दुकानदारों के लिए भी कारोबार की जगह उपलब्ध रहेगी।
डिस्को चलेगा, लेकिन मर्यादा के साथ : मेले में वैरायटी शो और डिस्को पार्टी के संचालन को भी हरी झंडी दे दी गई है। हालांकि इसके लिए शर्तें तय की गई हैं। आवाज धीमी रखनी होगी और मंच पर किसी भी तरह की अश्लील प्रस्तुति नहीं होगी। इससे मनोरंजन कार्यक्रम जारी रखने और उनकी प्रस्तुति को लेकर प्रशासन की शर्तों के बीच रास्ता निकाला गया है।
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