काश्तकारों की तबीयत बिगड़ने के दौरान धरने पर बैठे ग्रामीण।
- फोटो : samvad
गांव बांण अब्दुलहईपुर में चल रही चकबंदी में नियमों के विपरित कटौती करने और रकबा कम करने के विरोध अनशन पर बैठे दो किसानों की हालत बिगड़ गई। इस दौरान कुछ अन्य किसान भी अनशन स्थल पर पहुंचे और इन्हें समर्थन दिया।
रसूलपुर गांव के लिए जाने वाले मार्ग पर स्थित एक नलकूप पर कैलाशचंद्र और राजवीर का आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी रहा है। दोनों किसान गांव रसूलपुर के रहने वाले हैं।पूर्व प्रधान प्रदीप कुमार उर्फ बबलू के अनुसार सोमवार को इन्हें उल्टी लगने और चक्कर आने की समस्या हुई। उन्होंने इसकी सूचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी को दी है। समाचार लिखे जाने तक मौके पर कोई नहीं पहुंचा था।
किसानों का आरोप है कि दोनों किसानों की 54 बीघा जमीन का चक था, जिसे चकबंदी में कम कर दिया गया है। काफी समय से दोनों किसानों चक पूरा कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अधिकारी आते हैं और बातचीत करने के बाद वीडियोग्राफी कर चले जाते हैं। इसके चलते दोनों किसान अनशन पर बैठ गए।
किसानों ने बताया कि चकबंदी विभाग के अधिकारियों ने चकबंदी प्रक्रिया के दौरान काफी अनियमितातएं की है। एक अन्य किसान के चक को गलत तरीके से दोनों किसानों के चक के पास काट दिया गया है। उन्होंने इस हवाई चक को वापस करने, अन्य चकों की पैमाइश कराने की मांग की है। कुछ किसानों की जमीन से कटौती भी नहीं की गई है। सोमवार को अनशन पर बैठे किसानों के समर्थन में गांव रसूलपुर, हईपुर,बांण,नगरिया के किसान भी पहुंचे।