एसीजेएम एमपी/एमएलए कोर्ट दीपकनाथ सरस्वती के न्यायालय में लोकसभा सांसद एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल मानहानि के परिवाद में शनिवार को परिवादी के बयान दर्ज किए गए। अब इस मामले में अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी।
रामकुमार उर्फ रामू की ओर से यह परिवाद दाखिल किया गया था। परिवाद में कहा गया है कि न्यायालय के निर्णय के बावजूद वोट की राजनीति के लिए जातिगत विद्वेष की खातिर राहुल गांधी ने अकारण 12 दिसंबर 2024 को चंदपा की बिटिया के गांव का दौरा कर मृत मुद्दे को पुनर्जीवित करने, जानबूझकर परिवादी को समाज में अपमानित करने और चारित्रिक हनन करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने हाथरस दुष्कर्म पीड़िता के परिवार को घर में बंद रखने और गैंगरेप के आरोपियों के खुलेआम घूमने की बात कही थी।
परिवाद में रामू ने कहा है कि न्यायालय के निर्णय से जनसाधारण में उसे अपना खोया हुआ सम्मान पुन: प्राप्त हो गया था, लेकिन राहुल गांधी की गैर जिम्मेदाराना, अवैधानिक, अमर्यादित, असम्मानजनक व अपमानजनक पोस्ट से उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा एक बार पुनः तार-तार हो गई। जिसने भी इस पोस्ट को पढ़ा, उन सबकी निगाहों में वह न्यायालय से निर्दाेष साबित होने के बावजूद अपराधी बन गया। शनिवार को न्यायालय में परिवादी रामकुमार उर्फ रामू ने अपने बयान दर्ज कराए।