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Hathras News: खाटू श्याम के दर्शन करने गए क्षेत्र पंचायत सदस्य और उनकी पत्नी की हादसे में मौत

Thu, 13 Feb 2025 02:00 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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दंपती की मौत के बाद गांव ऐंहन में उनके घर पर लगी भीड़।  संवाद - फोटो : Samvad
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राजस्थान के सीकर जिले में हुए एक सड़क हादसे में ऐंहन निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य अजय कुमार उर्फ अजीत सिंह (35) और उनकी पत्नी सीमा (32) की मौत हो गई। इसमें इनके बेटे और दो बेटियों सहित छह लोग घायल हुए हैं। हादसे के वक्त अजय कुमार और उनके आगरा निवासी मित्र रवि परिवार के साथ खाटू श्याम के दर्शन करने जा रहे थे।
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घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। रवि आगरा के टेढ़ी बगिया इलाके की शोभानगर कॉलोनी के रहने वाले हैं। अजय कुमार पत्नी सीमा, बेटी दीप्ती (8), वर्षा (14), बेटा शिवम (12), रवि, उनकी पत्नी निशा और बेटे दिव्यांश के साथ मंगलवार शाम करीब सात बजे आगरा से अपनी कार से खाटू श्याम के दर्शन के लिए रवाना हुए थे।




सुबह करीब चार बजे इनकी कार सीकर जिले में श्रीमाधोपुर के खंडेला रोड पर रलावता टोल के पास अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद टोल बूथ में जा घुसी। अजय कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। सीमा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। कार में सवार अन्य लोग भी घायल हुए हैं।
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बुधवार सुबह करीब चार बजे राजस्थान पुलिस ने फोन से अजय के भतीजे राहुल को हादसे की सूचना दी। इसके बाद ग्रामीण और परिजन निजी वाहनों से सीकर के लिए रवाना हो गए। रिश्तेदार व उनकी बहनें ऐहन पहुंच गई। परिवार में कोहराम मच गया।






बच्चों के सिर से उठा मां-बाप का साया,

अजय भी थे माता पिता के इकलौते बेटे

हाथरस। क्षेत्र पंचायत सदस्य अजय कुमार उर्फ अजीत सिंह के पिता शिशुपाल सिंह की करीब 10 वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। चार साल पहले उनकी मां लोंगश्री देवी की भी मौत हो गई थी। पूरे परिवार की जिम्मेदारी अजय कुमार के कंधों पर थी। अजय कुमार की दोनों बहनों सरिता और सुनीता की शादी हो चुकी है। माता पिता की मौत के बाद अब तीनों बच्चों के सिर से साया उठ गया है। अजय कुमार भी अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे।




डेढ़ माह पहले ही परिवार को आगरा ले गए थे

हाथरस। परिजनों ने बताया कि अजय अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए प्रयास कर रहे थे। तीनों बच्चे गांव में एक निजी स्कूल में पढ रहे थे। बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए करीब डेढ माह पहले ही अजय ने आगरा में जाकर रहना शुरू किया गया था। वहां आरओ प्लांट लगाने की भी तैयारी कर रहा था, जिससे कि आमदनी का एक जरिया भी बन सके।
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