सत्संग के बाद हुई भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी। 11 लोगों के खिलाफ 3200 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। प्रकरण में 676 गवाह हैं। पिछली तारीख पर आयोजन के लिए जमीन देने वाले व्यक्ति की गवाही हुई थी।
दो साल पहले हुए सत्संग हादसे में 16 अप्रैल को एडीजे कोर्ट एफटीसी प्रथम में महिला कांस्टेबल की गवाही होनी थी, लेकिन निजी कारणों के कारण कांस्टेबल गवाही के लिए उपस्थित नहीं हो सकीं। कोर्ट ने केस में अगली तिथि लगा दी है।
विज्ञापन
सिकंदराराऊ के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में 2 जुलाई 2024 को सत्संग हुआ था। सत्संग के बाद हुई भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने आयोजकों को घटना की जिम्मेदार ठहराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 11 लोगों के खिलाफ 3200 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। प्रकरण में 676 गवाह हैं। पिछली तारीख पर आयोजन के लिए जमीन देने वाले व्यक्ति की गवाही हुई थी।
16 अप्रैल को घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात रहीं महिला कांस्टेबल शिल्पी की गवाही थी, लेकिन वे नहीं आ सकी। महिला कांस्टेबल ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें पति के बीमार होने का हवाला दिया। अधिवक्ता के अनुसार कोर्ट ने अब 23 अप्रैल की तिथि लगाई है।