शहर के एक बाजार में तैयार किए जाते समोसे एवं अन्य व्यंजन। संवाद
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व्यावसायिक गैस सिलिंडर के दामों में अचानक हुई भारी बढ़ोतरी का असर अब शहर में चाय-नाश्ते के व्यवसाय पर साफ दिखने लगा है। हाथरस में चाय, समोसा, बेड़ईं, फास्ट फूड और होटल की थाली तक महंगी हो गई है।
कारोबारियों का कहना है कि व्यावसायिक सिलिंडर के दामों में एक साथ 900 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होने से उनके कारोबार की लागत काफी बढ़ गई है। उन्हें मजबूरी में खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ाने पड़े हैं। छोटे दुकानदारों ने खर्च कम करने के लिए कई ऐसे खाद्य पदार्थों से दूरी बना ली है, जिन्हें बार-बार गरम करना पड़ता है। इससे उनकी बिक्री पर भी असर पड़ा है।
खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने का असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। पहले कम कीमत में मिलने वाले नाश्ते के व्यंजन अब महंगे हो गए हैं, जिससे ग्राहकों की संख्या में भी कुछ कमी देखने को मिल रही है।
पहले एक सिलिंडर में कई दिन काम चल जाता था। अब कीमत इतनी बढ़ गई है कि लागत निकालना मुश्किल हो रहा है, इसलिए हमें समोसा और कचौड़ी के मिठाई के दाम बढ़ाने पड़ेंगे।
-सौरव कुमार, मिष्ठान विक्रेता।
पकौड़ी बना पाना अब महंगा पड़ रहा है। गैस के साथ अन्य खर्च भी बढ़ रहे हैं। पकौड़ी बनाने में बार-बार गैस का प्रयोग होता है। ऐसे में हमने इसे बंद कर दिया है। हमने कांजी बड़े आदि उत्पाद बनाए हैं।
-बबलू कुमार, पकौड़ी-चाट विक्रेता।