जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कानून व्यवस्था तथा अभियोजन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अभियोजन अधिकारियों के द्वारा निस्तारित मुकदमों के बारे में जानकारी की। डीएम ने जिले के अभी गेस्ट हाउसों में हो रही बिजली चोरी की घटना पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ऐसे केस जिसमें कम जुर्माना वसूला जाना है, उन्हें शीघ्र निपटाने के लिए कहा।
उन्होंने उपस्थित सभी एसडीएम से गत बैठक में असलहों दुकानों से इस कैलेंडर वर्ष में विक्रय किए गए कारतूसों की संख्या तथा किन किन व्यक्ति को कितने कारतूस बेचे गए हैं, की जानकारी ली।
इसके साथ ही निर्देश दिया कि ऐसे दुकनदार जो जानकारी देने में आना कानी कर रहे है। उनकी दुकानों के लाइसेंस रद करने की कार्रवाई की जाए।
जनपद में किसी भी स्थान पर उपद्रव होने पर नामजद लोगों के शस्त्र लाइसेंस की समीक्षा की जाए तथा आवश्यकता हो तो निरस्त करें। सभी एसओ थानों में आने वाले केसों पर पीड़ित व्यक्ति के साथ संवेदनशीलता बरतें। उन्होंने सभी सीओ तथा एसडीएम को निर्देश दिए कि समाधान दिवस तथा थाना दिवस के रजिस्टर में सुधार कराएं। पुलिस अधीक्षक घुले सुशील ने कहा कि सभी एसओ को शस्त्रों को जमा कराने के निर्देश पर विशेष प्रगति नहीं हुई है। जबकि आगामी पांच नवंबर इसकी अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।
डीएम ने डाक्टरों के द्वारा चिकित्सीय परीक्षण के दौरान हस्ताक्षर के साथ ही उनके नाम भी लिखने को कहा। साथ ही कहा कि यदि नशीले पदार्थ या अन्य कोई आपत्तिजनक चीजें पकड़ी जाती है, तो उसके लिए राजपत्रित अधिकारी की उपस्थित मे विवेचना करने से केस में मजबूती मिलेगी। उपस्थित एसओ के द्वारा अभियोजन अधिकारी से अपराधी के कस्टडी रिमांड की समय सीमा अधिक देने की मांग की गयी।
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद कुमार, उप जिलाधिकारी सादाबाद, सासनी अंतुम बी, कलेक्ट्रेट ओसी ज्योत्स्ना बंधु, समस्त सीओ, एसओ, अभियोजन अधिकारी तथा अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।