बदलते खानपान और अत्यधिक तनाव से हृदय रोगों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। भीषण ठंड में यह समस्या और बढ़ गई है। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि सीने में दर्द, सांस फूलने या हाथों में अचानक होने वाली झनझनाहट को सामान्य थकान मानकर टालना जानलेवा साबित हो सकता है। इसकी तुरंत जांच कराएं।
बृहस्पतिवार को इमरजेंसी में सांस फूलने व छाती में दर्द के आठ मरीज पहुंचे। विशेषज्ञ चिकित्सक डाॅ.एसके राजू ने बताया कि हार्ट अटैक तब होता है, जब हृदय को रक्त और ऑक्सीजन पहुंचाने वाली धमनी अवरुद्ध हो जाती है। कोलेस्ट्रॉल हृदय की धमनियों को ब्लाॅक कर देता है। कई बार रक्त का थक्का जमने लगता है। हार्ट अटैक के दौरान रक्त के प्रवाह में कमी आने के कारण हृदय की मांसपेशियों के ऊतक नष्ट हो जाते हैं। खून का प्रवाह कम होने से शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है। इसका परिणाम अलग-अलग रूप में सामने आता है।
इन लक्षणों पर दें ध्यान
रक्त का प्रवाह प्रभावित होने से सीने में दर्द व जकड़न की दिक्कत होती है। सांस लेने में कठिनाई होती है। ठंडा पसीना आता है, थकान महसूस होती है। अचानक चक्कर आते हैं। जी मचलना, दर्द या बेचैनी होती है। दर्द कंधे, बांह, पीठ व गर्दन तक पहुंच सकता है। फिजीशियन डाॅ. वरुण चौधरी ने बताया कि हर मरीज में अलग लक्षण होते हैं। 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को नियमित जांच अवश्य करानी चाहिए।