संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
कोविड-19 को लेकर गांव में ही लोगों को रोजगार का अवसर दिया जा रहा है। गांवों में बने स्वयं सहायता समूहों को प्रत्येक ब्लॉक से पांच हजार बच्चों को निशुल्क यूनिफॉर्म सिलवाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके संबंध में प्रधानाध्यापकों को आदेशित किया गया है कि वह मानक के अनुसार कपड़ा क्रय कर संबंधित स्वयं सहायता समूह को उपलब्ध कराएं।
ब्लॉक हाथरस के गांव सूरजपुर में शिव स्वयं सहायता समूह का डीडीओ और बीएसए ने निरीक्षण किया। उनको छह महिलाएं यूनिफॉर्म सिलती हुई पाई गईं। समूह की अध्यक्ष सुधा ने बताया कि यहां आठ सिलाई मशीन वर्तमान में काम कर रही हैं। आवश्यकता पड़ने पर और भी बढ़ाई जा सकती हैं। सुधा ने कहा कि सरकार ने हमें रोजगार का अवसर दिया है। इसको हम बेकार नहीं जाने देंगे। इतने दिनों से हम लॉकडाउन में बेरोजगार थे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में डीडीओ और बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक की प्रगति पर जानकारी ली थी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार मिश्र ने समूह की अन्य महिलाओं से भी वार्ता की। इन महिलाओं ने कहा कि वह दिन-रात यह काम करके समय से अध्यापकों को यूनिफॉर्म सिलकर उपलब्ध करा देंगी। अफोया के अध्यापक सूरजपाल सिंह ने अपने विद्यालय का कपड़ा समूह को उपलब्ध कराया।