29 वेंडर घर-घर कर रहे संपर्क
जिले में 29 वेंडरों की ओर से लगातार योजना का प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है और यह भी बताया जा रहा है कि सोलर प्लांट लगवाने पर मात्र छह प्रतिशत की ब्याज दर पर तत्काल ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके बावजूद उपभोक्ता सोलर लगवाने में हिचकिचा रहे हैं।
बीमा देकर मिल सकती है राहत
अधीक्षण अभियंता विद्युत अजीत कुमार सिंह ने बताया कि लोगों से संपर्क किया जा रहा है। पिछले साल की तुलना में इस साल सोलर प्लांट लगवाने वालों की संख्या पांच गुना बढ़ी है। यह बात भी सही है कि लोग बंदरों के उत्पात के चलते सोलर प्लांट लगवाने में पीछे हट रहे हैं। हालांकि लाभार्थी अगर बीमा करा ले तो सोलर प्लेट्स को हुए नुकसान की भरपाई हो सकती है। इसके लिए लाभार्थी को अलग से खर्च करना पड़ेगा।
बिजली का बिल भी हो रहा कम
सोलर प्लांट से उत्पादित होने वाली बिजली का प्रयोग न होने पर इसे विद्युत विभाग वापस ले रहा है। स्मार्ट मीटर के जरिये यह सुविधा दी जा रही है। इसके तहत अगर किसी उपभोक्ता द्वारा एक माह में 300 रीडिंग खर्च की गई हैं और सोलर प्लांट से उत्पादित अतिरिक्त 200 रीडिंग विद्युत विभाग को चली गईं तो उपभोक्ता को सिर्फ 100 रीडिंग का ही बिल देना पड़ रहा है।
योजना पर एक नजर
- 2027 तक 5694 परिवारों को योजना से जोड़ने का मिला लक्ष्य
- 3800 लोगों ने कराया सोलर प्लांट लगवाने के लिए पंजीकरण
- 1840 घरों में ही लगे अभी तक सोलर प्लांट
- 29 वेंडरों को सौंपी गई है सोलर प्लांट लगवाने की जिम्मेदारी
- 06 फीसदी ब्याज दर पर दी जा रही ऋण की सुविधा