कांटेसा कार से इंदिरा गांधी सिकंदराराऊ पहुंची थीं। स्वागत के दौरान गेंदे की फूल माला पहनाने से उन्हें छींके आनी शुरू हो गईं, तब किसी को नहीं पता था कि उन्हें गेंदे के फूल से एलर्जी होती है। उसके बाद उन्होंने फूल माला उतार दी थी।
प्रचार के बाद अपने घर ही खाना खाते थे कार्यकर्ता
संस्मरण सुनाते हुये स्व शैलानी की पत्नी निर्मला शैलानी ने बताया कि उस समय कोई मारा मारी नहीं थी। कार्यकर्ता सच्चे मन से प्रचार में जाते थे। लौट कर अधिकांश अपने घरों पर ही खाना खाते थे। वह भी महिलाओं के साथ प्रात: चुनाव प्रचार में जाने से पहले कार्यकर्ताओं को अपने हाथ से खाना खिला कर भेजती थी।