संविदा विद्युत कर्मी द्वारा आत्महत्या के प्रकरण में एसपी ऑफिस पर आए ग्रामीण।
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हाथरस। एक विद्युत संविदा कर्मी ने अपने सहकर्मी और एक इलाके के दरोगा के उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या कर ली। यह सनसनीखेज आरोप अब मृतक के दादा ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में लगाए हैं और कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र में सुसाइड नोट भी प्रस्तुत किया गया है। मृतक के परिजन व अन्य लोग इस मामले में एसपी से मिले और प्रार्थना पत्र सौंपा। एसपी ने इस मामले में सीओ सादाबाद को जांच के आदेश दिए हैं।
थाना सादाबाद क्षेत्र के गांव चिरावली निवासी निरंजन पुत्र फंते सिंह ने प्रार्थना पत्र में कहा है कि उसका 19 वर्षीय नाती रिषी कुमार उर्फ देवी सिंह पुत्र जयकुमार पिछले 10 माह से विद्युत उपखंड मई पर संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। आरोप है कि वहीं कार्यरत शिवचरन उर्फ लहटू ताऊ निवासी गांव सरौंठ अक्सर जनता की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करता था। जबकि उसका नाती बिजली संबंधी शिकायतों का निस्तारण करता था।इसी पर लहटू ताऊ उसके नाती से ईष्या मानने लगा। होली पर उसके नाती की झूठी शिकायत मई पुलिस चौकी के इंचार्ज गंगाशरन से कर लहटू ताऊ ने रिषी को काफी प्रताड़ित कराया। झूठे केस में फंसाने और मारने की धमकी भी दी।
शिकायती पत्र में कहा गया है कि 1 मई 2019 को रिषी विद्युत स्टेशन पर ड्यूटी करने के लिए गया था। वहां शिवचरन उर्फ लहटू ताऊ ने उसके साथ मारपीट कर दी। यह भी धमकी दी कि उसके खिलाफ लूट का झूठा मुकदमा लिखवा कर उसे जेल भिजवा देगा। यही नहीं चौकी इंचार्ज ने भी उसे धमकियां दी। इससे रिषी वहां से भाग गया और उसके बाद दो मई को उसकी लाश पेड़ से लटकी मिली। निरंजन सिंह के मुताबिक लोगों ने इस पर यह कहा कि रिषी ने आत्महत्या कर ली है। इसमें कोई पुलिस कार्रवाई नहीं होगी। इसका अंतिम संस्कार कर दो। इस पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजन जब घर आए तो उन्हें रिषी की पेंट-शर्ट की जेब से सुसाइड नोट मिला। जिसमें शिवचरन उर्फ लहटू और चौकी इंचार्ज द्वारा परेशान करने का उल्लेख है।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि इसमें शिवचरन उर्फ लहटू, चौकी इंचार्ज के अलावा सिवचरन का भतीजा रविंद्र भी शामिल रहा है। इन लोगें ने रिषी को आत्महत्या के लिए विवश किया है। प्रार्थना पत्र में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है।