सत्संग हादसे में बृहस्पतिवार को एडीजे एफटीसी कोर्ट प्रथम में उपनिरीक्षक यदुनाथ सिंह की गवाही हुई। उन्होंने कोर्ट को बताया कि उनकी ड्यूटी सत्संग में ही थी। भीड़ का दबाव व उमस भरी गर्मी के कारण दर्दनाक हादसा हुआ था। मामले में अगली सुनवाई 27 मार्च को होगी।
घटना दो जुलाई 2024 को सिकंददाराऊ क्षेत्र के फुलरई मुगलगढ़ी गांव में भोले बाबा के सत्संग के समापन के बाद हुई थी। अचानक रज लेने की होड़ में लोग एक-दूसरे पर गिरते चले गए। लोग सडक़ किनारे गड्डे की तरफ गिरे और दबते चले गए। हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ के आगे वो भी बेबस थी।
हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ लगभग 3200 पेज का आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया है, जिसमें 676 गवाहों के बयान शामिल हैं। बृहस्पतिवार को आचरण पक्ष के अधिवक्ता ने भी गवाह से बहस की। गवाह से घटना स्थल पर हुई किसी भी तरह की घोषणा के संबंध में सवाल पूछे गए।