तहसील सदर में धरना-प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ,दस्तावेज लेखक व अन्य को समझाते अधिकारी। संवाद
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रजिस्ट्री दफ्तरों में फ्रंट ऑफिस प्रणाली लागू किए जाने के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों और टाइपिस्टों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को भी जारी रही। संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान निबंधन कार्यालय का काम पूरी तरह ठप रहा और रजिस्ट्री-बैनामे कराने आए लोग मायूस लौट गए।
वक्ताओं ने फ्रंट ऑफिस व्यवस्था को तानाशाहीपूर्ण बताया। उनका कहना है कि इस नई प्रणाली के लागू होने से वर्षों से इस कार्य से जुड़े हजारों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग की।
हड़ताल के चलते तहसील परिसर की सामान्य गतिविधियां प्रभावित रहीं। रजिस्ट्री कार्य बंद रहने से जमीनों की खरीद-फरोख्त सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वक्ताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अध्यक्षता राकेश चौधरी ने की। प्रदर्शन में सुरेशचंद देशमुख, दिनेश कुशवाहा, विजेंद्र सिंह, मदन मोहन गौड़, मनोज कुमार कातिब, हरिशंकर, अजय शर्मा, देवेश दीक्षित, रजनीश गौतम, प्रमोद कुमार आदि शामिल थे। संवाद