बृहस्पतिवार की रात में आई आंघी से गिरी बाजरा की फसल। स्रोत : स्वयं
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जिले में बृहस्पतिवार की शाम और रात को आई आंधी व बारिश ने किसानों को खासा नुकसान पहुंचाया है। तेज आंधी के कारण खेतों में लहलहा रही बाजरा, ज्वार और मक्का की फसलें पूरी तरह जमींदोज हो गई हैं। फसल का हाल देखकर किसान माथा पकड़ने पर मजबूर हो गए हैं।
अमूमन गर्मी के मौसम में वही किसान बाजरा की पैदावार करते हैं, जिन्होंने सर्दियों में आलू की खेती की थी। इस बार मंडियों में आलू के दाम बेहद कम मिलने के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। किसानों को बाजरा की फसल से घाटे की भरपाई होने की उम्मीद थी, लेकिन मौसम की मार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
किसान सुरेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने आलू की फसल में हुए नुकसान की भरपाई के लिए उन्होंने इस बार 53 बीघा में बाजरा की बुवाई की थी।सोचा था कि पैदावार ठीक रही तो बाजरा से आलू के नुकसान की भरपाई कर लेंगे, लेकिन बृहस्पतिवार की रात को आई तेज आंधी ने पूरी फसल को बिछा दिया है। अब पैदावार बेहद कम होगी। किसान सोमेश पचौरी ने बताया कि कुदरत हमारे पीछे पड़ गई है। पहले आलू ने डुबोया और अब बाजरा की फसल भी बर्बाद हो गई। सालभर का गुजारा कैसे होगा, यह सोचना भी मुश्किल हो रहा है।