हाथरस। जिला उद्योग बंधु की बैठक में आरटीआई के नाम पर उद्यमियों के उत्पीड़न का मुद्दा उठाया गया। उद्यमियों ने कहा कि इस तरह की फर्जी शिकायतों से उनका मनोबल टूट रहा है और इसका असर उनके कारोबार पर भी पड़ रहा है। सरकारी मशीनरी को भी उनके उत्पीड़न का बहाना मिल जाता है।
डीएम ने उद्यमियों की शिकायतों पर चिंता जताई और अफसरों से कहा कि वह इस तरह की शिकायतों पर कार्रवाई करने से पहले इनके औचित्य की गहराई से जांच करें और उसके बाद ही कोई कार्रवाई अमल में लाएं। शिकायत फर्जी मिलने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ भी सख्त एक्शन लिया जाए। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार की शाम को हुई बैठक में उद्यमियों ने इसके अलावा और भी अहम मुद्दे उठाए।
अलीगढ़ रोड पर औद्योगिक क्षेत्र के लिए अलग बिजलीघर बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। तहसील में जगह खारिज होने की वजह से डीएम ने इसके लिए नई जमीन तलाशने के निर्देश दिए। एसडीएम ने दयानतपुर के पास खाली पड़ी सरकारी भूमि के चयन का प्रस्ताव दिया, जिस पर डीएम ने सहमति जता दी। एसडीएम और बिजली अफसरों को साथ जाकर इस जमीन को देखकर फाइनल करने के निर्देश दिए।
औद्योगिक क्षेत्र में जलनिकासी को ड्रैनेज सिस्टम बनाने के लिए डीएम ने जल निगम के अधिकारियों को सर्वे के बाद प्रोजेक्ट बनाकर देने के निर्देश दिए। अलीगढ़ रोड पर बिजली की शिकायतों के लिए कंपलेंट सेंटर और बिल जमा करने के लिए बिलिंग सेंटर बनाने पर सहमति बनी। तहसील परिसर या फिर लेबर कॉलोनी के आसपास इन्हें बनाने का सुझाव दिया है। डीएम ने बिजली अफसरों से इसके लिए प्रस्ताव मांगा है।
सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों के लिए जमीन आवंटन पर भी चर्चा हुई। डीएम ने यूपीएसआईडीसी के अधिकारियों से कहा कि जो भी प्लॉट खाली हैं, उन्हें हाथरस के जरूरतमंद उद्यमियों को देने की कार्यवाही की जाए। बैठक में उद्यमी देवेंद्र मोहता, प्रदीप गोयल, श्रीकृष्ण अरोड़ा, गोविंद प्रसाद अग्रवाल, कपिल अग्रवाल, विनोद कुमार मित्तल, राधेश्याम अग्रवाल, मनोज अग्रवाल आदि थे। संचालन उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र वाईपी गुप्ता ने किया।