सैन्यकर्मी अखिलेश हत्याकांड में अब आगरा एसटीएफ सक्रिय हो गई है। बृहस्पतिवार को एसटीएफ की टीम सादाबाद पहुंची। यहां टीम ने सादाबाद पुलिस व पीड़ित परिवार से बात की है। परिजनों ने पूरे घटनाक्रम से टीम को अवगत कराया। इसके बाद एसटीएफ सादाबाद पुलिस के साथ फरार हत्यारोपियों की तलाश में जुट गई है।
सैन्यकर्मी अखिलेश की हत्या में सादाबाद पुलिस दो आरोपियों को जेल भेज चुकी है। सात फरवरी को मुख्य आरोपी विक्रम के भाई विशाल व उसके साथी राज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। मुख्य आरोपी विक्रम सहित शेष आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर मृतक की पत्नी निधि सोमवार को लखनऊ पहुंचकर सीएम से मिली थीं तथा न्याय की मांग की थी।
मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रकरण को संज्ञान में लिए जाने के बाद आनन-फानन सादाबाद पुलिस के अधिकारियों पर कार्रवाई कर विवेचना क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर की। सादाबाद की कमान क्राइम ब्रांच के निरीक्षक विजय सिंह को दी गई है। उन्हीं के पास मुकदमे की विवेचना है। परिजन लगातार आरोपियों के एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं।
मामला सुर्खियों में होने और पीड़ित परिजनों के वीडियो जारी करने पर अब इस मामले में एसटीएफ सक्रिय हुई है। अखिलेश के पिता देवेंद्र सिंह ने कहा कि जब पुलिस वाहन चोर, लूट व छेड़खानी करने वालों का एनकाउंटर कर सकती है तो दिनदहाड़े हत्या करने वालों का एनकाउंटर क्यों नहीं हो सकता, जबकि आरोपियों को आपराधिक इतिहास भी है।
आरोपियों के सरेंडर होने की चर्चा
बृहस्पतिवार से फरार आरोपियों में से चार के सरेंडर किए जाने चर्चा होती रही। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की। बता दें कि घटना के बाद से पुलिस फरार हत्यारोपियों की तलाश में दिल्ली-एनसीआर रीजन में दबिश दे रही है। यहां तक कि हरियाणा में भी इनकी तलाश की जा रही है।
अपराधियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही हैं। टीम क्षेत्र में है। जल्द ही सफलता मिल सकती है। एसटीएफ के बारे में जानकारी नहीं है।
-रामानंद कुशवाहा, एएसपी