क्षेत्र के ऊंचा गांव में बनी दो पानी की टंकियां लंबे समय से चालू नहीं हो सकी हैं। इन टंकियों को आपूर्ति देने वाले मोटर और पाइपलाइन खराब होने के कारण पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। जिससे गांव के लगभग 300 से 400 परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समाधान नहीं हो सका। लोगों को सबमर्सिबल पंप या हैंडपंप के सहारे पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। गांव में जल निगम द्वारा 2015-16 में सुसाइन पुनर्गठन पेयजल योजना के अंतर्गत एक पानी की टंकी बनवाई गई थी, लेकिन कुछ समय तक पेयजल आपूर्ति हुई, इसके बाद बंद हो गई। एक पानी की टंकी पहले से ही बनी थी। फिलहाल दोनों से पानी नहीं मिल रहा है।
ग्राम प्रधान रनवीर सिंह ने बताया कि दोनों टंकियों को चालू कराने के लिए जल निगम को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया गया है। मोटर फुंक जाने के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित है। जल निगम द्वारा कई साल पहले नई पाइपलाइन भी डाली गई थी, लेकिन वह प्रयास भी सफल नहीं हो सका।
जल निगम ग्रामीण के जेई राजेश कुमार ने बताया कि जिला स्तर से टीम गांव का निरीक्षण कर चुकी है। टीम के अनुसार ग्रामीणों और प्रधान की ओर से लिखित में दिया गया था कि फिलहाल कार्य नहीं कराया जाए, क्योंकि गांव में पानी उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में बनी टंकियां और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। अब नए सिरे से कार्य कराए जाने के बाद ही नियमित पेयजल आपूर्ति संभव हो सकेगी।
गांव में अधिकांश जगह पानी मीठा है, लेकिन टंकी से पेयजल आपूर्ति न होने से सबमर्सिबल से ही पानी ले रहे हैं। कुछ जगह पानी खारा है, इसकी वजह से लोगों को आरओ प्लांट लगाने पड़ रहे हैं। पानी की टंकी चालू हो जाए तो लोगों को सबमर्सिबल पंप नहीं लगवाने पड़ेंगे।
-लकी आर्य, युवा समाजसेवी।
कई बार पानी की टंकियों को चालू कराने के लिए पत्र सौंपे गए हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई है। लोगों को सबमर्सिबल पंप से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। इन टंकियों से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराई जानी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
-हरदेव सिंह, ग्रामीण।
सीएम को पत्र भेजकर समाधान की मांग
हिंदू युवा वाहिनी के नेता हरेंद्र चौधरी उर्फ लकी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गांव ऊंचागांव सुसाइन में पानी की टंकियों को चालू करने की मांग की है। पत्र में उन्होंने बताया है कि गांव में कई जगह खारे पानी की समस्या है, इस वजह से ग्रामीण काफी परेशान हैं।