पुलिस के अनुसार 19 जून को आकाश साथ अपने साथ काम करने वाले दोस्त श्याम सिंह व एक अन्य बाइक से गांव रोहई आए और अपने घर के पास अंधेरे में छिपकर बैठ गए। रात को रामबहादुर के नशे की हालत में घर पहुंचने पर वह छत पर चढ़ गए औप आकाश की मां के साथ लेटे हुए रामबहादुर को डंडे से पीट पीट कर हत्या कर दी। आरोपियों ने अपने मुंह कपड़े से छिपा रखे थे । घटना को अंजाम देकर आरोपी बाइक से आगरा भाग गए थे।
रामबहादुर ने अपनी पहली पत्नी को छोड़ दिया था और गुड़िया का पति निनुआ भी जिंदा था। दोनों की जातियां भी अलग थी। दोनों के कोर्ट मैरिज करने के बाद निनुआ आकाश सहित अपने तीन बच्चों को लेकर आगरा चला गया और वही रहने लगा। गांव नगला रठिया में गुड़िया, एक बेटी और एक बेटे के साथ रह रही थी। जिस समय यह शादी हुई, उस समय आकाश नौ साल का था। आकाश ने बताया कि रामबहादुर अक्सर उसके घर शराब पीकर आता रहता था। इस वजह से समाज के लोग उसे ताना मारते थे।
रामबहादुर का घर पर आना उन्हें अपमानित महसूस कराता था। इससे समाज में भी बदनामी हो रही थी। उसने बताया कि यह सब बर्दाश्त नहीं हो रहा था। उसकी बहन भी बड़ी हो गई थी।समाज के लोग तरह तरह की बातें करते थे । उन्होंने अपनी मां व रामबहादुर को समझाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं माने। सामाजिक और पारिवारिक अपमान का बदला लेने के लिये आकाश ने अपने दोस्तों के साथ रामबहादुर बघेल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई ।