आरोप है कि राहुल गांधी ने मृत मुद्दे को पुनर्जीवित करने और जानबूझकर परिवादी को समाज में अपमानित एवं उनका चारित्रिक हनन करने के उद्देश्य से अवैधानिक लाभ के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट की, जिसमें उन्होंने न्यायालय के निर्णय की पूर्ण जानकारी होने के बावजूद न्यायालय से दोषमुक्त हुए युवकों को गैंगरेप का आरोपी बताया था।
हाथरस की एसीजेएम एमपी-एमएलए कोर्ट में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल परिवाद में 21 अगस्त को परिवादी रवि की ओर से दो गवाहों के बयान हुए। न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई के लिए 19 सितंबर अगली तिथि नियत की है।
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गौरतलब है कि थाना चंदपा क्षेत्र के एक गांव निवासी रामकुमार उर्फ रामू की ओर से न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया था। रामकुमार के अलावा लवकुश और रवि ने भी परिवार दायर कर रखा है। परिवाद में कहा गया है कि न्यायालय के निर्णय के बावजूद वोट की राजनीति की खातिर जातिगत विद्वेष के लिए राहुल गांधी ने अकारण 12 दिसंबर 2024 को चंदपा क्षेत्र की बिटिया के गांव का दौरा किया था।
आरोप है कि राहुल गांधी ने मृत मुद्दे को पुनर्जीवित करने और जानबूझकर परिवादी को समाज में अपमानित एवं उनका चारित्रिक हनन करने के उद्देश्य से अवैधानिक लाभ के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट की, जिसमें उन्होंने न्यायालय के निर्णय की पूर्ण जानकारी होने के बावजूद न्यायालय से दोषमुक्त हुए युवकों को गैंगरेप का आरोपी बताया था। 21 अगस्त को इस मामले में परिवादी रवि की ओर से दो गवाह दिनेश व सत्यप्रकाश के बयान हुए।